Uttarakhand News: टनल हादसे में फंसे मजदूर निकालना बड़ी चुनौती, थाईलैंड गुफा रेस्क्यू टीम से संपर्क की तैयारी
Uttarakhand News:उत्तराखंड के सुरंग हादसे में पांच दिन से 40 मजदूर जिदंगी की जंग लड़ रहे हैं। सरकार मजदूरों को रेस्क्यू कर बाहर निकालने के लिए ऐडी चोटी का जोर लगा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू टीम का हौंसला बढ़ाने गए। लेकिन परिस्थिति ऐसी है कि कोई भी जल्दबाजी ओर बड़ी समस्या खड़ी कर सकती है। साथ ही ज्यादा देर भी घातक हो सकती है। यानि रेस्क्यू टीम और सरकार के सामने चुनौती कुल मिलाकर बेहद सलीके से मजदूरों की जिदंगी बचानी है।

सूत्र बता रहे हैं कि मौजूदा हालात में रेस्क्यू टीम का ध्यान बीते समय में विश्व भर में हुए ऐसे ही हादसों की तरफ गया है। रेस्क्यू टीम उन हादसों के सफल रेस्क्यू ऑपरेशन पर फोकस कर रही है और उन देशों व टीम के सदस्यों से संपर्क साध रही है। आपको बता दें कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सिलक्यारा सुंरग जैसा लगभग हादसा थाइलैंंड की थाम लुआंग गुफा में हुआ था।
जून 2018 में हुए हादसे में 12 फुटबॉलर और उनके कोच फंस गए थे, वो हादसा उत्तराखंड के सिलक्यारा टनल हादसे से भी भयानक हो गया था। क्योंकि मूसलाधार बारिश से रेस्क्यू अभियान को लगभग असफल बना दिया था। ऐसे में पूरी दुनिया उन बच्चों की जिदंगी बचाने की न सिर्फ दुआएं कर रही थी, बल्कि कई देशों के रेस्क्यू एक्सपर्ट अपने संसाधनों के साथ गुफा में पहुंचे। ये एक ऐसा ऑपरेशन था, जिसमें दुनिया के जांबाज ने नए रास्ते खोजे, बच्चों को जब तक बाहर निकलाना संभव न हो, गुफा के अंदर जिंदा रखने के समाधान निकाले गए।
17 दिन तक चले इस ऑपरेशन के दौरान कई बार लोगों की उम्मीदें भी टूटी कि पता नहीं बच्चे जिंदा बाहर आ पाएंगे भी की नहीं। लेकिन आखिरकार 17 दिन बाद एक ऐसी संयुक्त टीम ने जिसमें अलग-अलग देशों के लोग थे, सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला, एक असभव सा दिखने वाला रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी दुनिया ने सफलता से संभव होते देखा। थाइलैंड का ये ऑपरेशन दिखाता है कि धैर्य और तकनीक से सरकार के साथ मिलकर काम किया जाए तो मजदूर बाहर सुकशुल आ जाएंगे। थाइलेंड के इस गुफा हादसे पर Thirteen Lives एक फिल्म भी बनाई गई है।












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