इंजीनियरिंग का छात्र बन गया अर्न्तराज्यीय ठग,युवाओं को रोजगार के नाम पर ऐसे करता था खेल,सुनकर हो जाएंगे हैरान
उत्तराखंड एसटीएफ ने एक नौकरी का लालच देकर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। जो कि देशभर के युवाओं को चूना लगाता था। पुलिस ने जब पड़ताल की तो पता चला कि आरोपी ठग इंजीनियरिंग का छात्र है। जो कि देहरादून में इंजीनियरिंग का छात्र है।
आरोप है कि आरोपी छात्र फर्जी वेबसाइट के जरिए जॉब का लालच देकर युवाओं से धोखाधड़ी करता था। आरोपी छात्र को एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। इंजीनियरिंग के छात्र ने फर्जी वेबसाइट बनाकर देशभर में लाखों बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाया और उनके लाखों रुपए की धोखाधड़ी की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र (आई4सी) के पोर्टल पर कई राज्यों से एक ही प्रकार की करीब 30 शिकायतें मिली थी। जिसके तहत प्रथम दृष्टया में पता चला कि प्रेमनगर नंदा की चौकी क्षेत्र से एक साइबर ठग अपनी फर्जी वेबसाइट के जरिए देशभर में कई युवाओं से धोखाधड़ी कर रहा है। एसटीएफ की टीम ने पोर्टल पर मिली शिकायतों में दर्ज साइबर ठग के मोबाइल नंबरों और बैंक खातों को चेक किया गया।
पीड़ित युवाओं ने पुलिस को बताया कि साइबर ठग पहले उन्हें लिंक्डइन अकाउंट के माध्यम से संपर्क करता था। फिर उन्हें अपनी कंपनी में जॉब देने के नाम पर इंटरव्यू लेता था। पीड़ितों ने बताया कि आरोपी दवा खरीदने के लिए मजबूर करता था। फिर उनसे 5 से 6 हजार रुपए ठग लेता था। इसके बाद उन्हें ब्लॉक कर देता था। साइबर ठग पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी का रहने वाला है।
जो कि देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र स्थित एक शिक्षण संस्थान में इंजीनियरिंग का छात्र है। आरोपी अपने लिंक्डइन अकाउंट पर बेरोजगार युवक-युवतियों से संपर्क करने के बाद उन्हें अपनी कंपनी में ऑनलाइन जॉब का लालच देता था। फिर उन्हें अलग-अलग विषयों पर प्रश्न उपलब्ध करता था। जिनके सही उत्तर का वीडियो बनवाकर उन्हें वेबसाइट पर अपलोड कराता था, जिसके बदले भुगतान करने की बात कही जाती थी।
प्रश्नपत्र हल करने के लिए उन्हें फर्जी वेबसाइट न्यूट्रिनो इन से दवा खरीदने को कहता था। ये भी कहता था कि यदि वो सिलेक्ट नहीं हुए तो उन्हें उनका पैसा रिफंड कर दिया जाएगा। जब पीड़ित उन्हें रिफंड के लिए संपर्क करते थे। उन्हें टाइम ओवर बताकर पैसा नहीं देता था या उन्हें ब्लॉक कर देता था।












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