Uttarakhand: गैर आवासीय भवनों में अब ई चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य, धामी सरकार के बड़े फैसले
उत्तराखंड सरकार ने गैर आवासीय भवनों में ई वाहन चार्जिंग स्टेशन बनाना अनिवार्य कर दिया है। इसके बगैर उनके नक्शे पास नहीं होंगे।

उत्तराखंड सरकार ने इलैक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने गैर आवासीय भवनों में ई वाहन चार्जिंग स्टेशन बनाना अनिवार्य कर दिया है। इसके बगैर उनके नक्शे पास नहीं होंगे। 1500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल पर बनाए जाने वाले ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट, होटल, मोटल, मल्टीप्लेक्स, गेस्ट हाउस, लॉज व अन्य गैर आवासीय भवनों के लिए ये अनिवार्य किया गया है।
पार्किंग के एक से दस प्रतिशत हिस्से में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनाना होगा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत कुल स्वीकृत पार्किंग के एक से दस प्रतिशत हिस्से में दोपहिया व चौपहिया वाहनों के लिए इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनाना होगा। इसके बिना नए भवनों के नक्शे पास नहीं होंगे। इसके साथ ही सरकार ने मलिन बस्तियों के पुनर्वास के लिए विकास प्राधिकरण के बजट देने को कहा है। प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों को मानचित्र पास करने के एवज में विकास शुल्क के रूप में हुई कमाई की 10 फीसदी धनराशि मलिन बस्तियों के पुनर्वास और उनके सुधार पर खर्च करनी होगी। प्रदेश में करीब 582 मलिन बस्तियां हैं, जिनमें 11,71,585 लोग रह रहे हैं। कैबिनेट ने बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में सरकार विधानसभा के पटल पर करीब 79 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव रख सकती है।
गन्ने के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में कोई बढ़ोतरी नहीं
प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2022-23 के लिए गन्ने के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। बीते साल की दरों पर किसानों को गन्ने का भुगतान किया जाएगा। जिसमें सामान्य प्रजाति की 345 रुपये और अगेती प्रजाति की 355 रुपये प्रति क्विंटल कीमत तय है। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी व समयबद्ध बनाने के लिए समूह ग के पदों पर साक्षात्कार खत्म करने के लिए नियमावली बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।












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