Dushyant Kumar Gautam को दिल्ली हाई कोर्ट ने दी बड़ी राहत, आपत्तिजनक कंटेंट को 24 घंटे के भीतर हटाने के निर्देश
Dushyant Kumar Gautam से जुड़े एक मामले में भाजपा नेता और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम को दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने दुष्यंत कुमार गौतम से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट को 24 घंटे के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं।
हाई कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अगर आगे भी दुष्यंत गौतम का नाम इस मामले से जोड़कर उछाला गया तो संबंधित पक्षों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। बीते दिनों से उत्तराखंड का अंकिता भंडारी केस फिर से चर्चा में है।

अभिनेत्री उर्मिला सनावर के आडियो वीडियो सामने आने के बाद से माहौल गरमाया हुआ है। इस मामले में वीआईपी प्रकरण को लेकर भाजपा प्रभारी दुष्यंत गौतम का नाम भी उछाला गया। इसके बाद दुष्यंत कुमार गौतम ने मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने ने याचिका में कांग्रेस, आप सहित कई लोगों के ट्विटर-फेसबुक प्रोफाइल को पार्टी बनाया था।
उन्होंने कहा था कि इस केस में मेरा नाम बेवजह लिया गया है, जो मानहानि का केस बनता है। इसी पर कोर्ट का फैसला आया है। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कांग्रेस, आप और अन्य प्रतिवादियों को अंकिता भंडारी हत्याकांड में दुष्यंत गौतम को कथित वीआईपी बताए जाने से संबंधित किसी भी प्रकार की सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करने से रोक दिया है।
साथ ही, कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ऐसे सभी पोस्ट और वीडियो तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले में बैलेंस ऑफ कन्वीनियंस वादी के पक्ष में है, जिससे उन्हें अंतरिम राहत दी जा रही है। दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि बिना किसी ठोस आधार के किसी व्यक्ति का नाम गंभीर आपराधिक मामले से जोड़ना उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है।
इस प्रकार के मामले मानहानि के दायरे में आता है। हाई कोर्ट ने संकेत दिया कि आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। भाजपा नेता दुष्यंत कुमार की तरफ से इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया, एडवोकेट राघव अवस्थी और सिमरन बरार पेश हुए। कोर्ट ने इन्हें 24 घंटे के भीतर सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश दिया है। याचिका में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी समेत कुल 12 लोगों और संगठनों को प्रतिवादी बनाया गया था।












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