खाद्य मंत्री रेखा आर्या और विभागीय अधिकारी के बीच तबादलों को लेकर विवाद, मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला
खाद्य मंत्री रेखा आर्या का विभागीय सचिव के साथ विवाद
देहरादून, 23 जून। खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या अपने विभागीय सचिव के साथ विवाद को लेकर चर्चा में हैं। मंत्री रेखा आर्य ने सचिव पर मनमानी तरीके से तबादले करने का आरोप लगाकर तबादलों पर रोक लगा दी है। जिसके बाद मंत्री और सचिव में फिर से विवाद हो गया है। मामला बढ़ता देख पूरा प्रकरण मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। मंत्री रेखा आर्य का पहले कार्यकाल में भी विभागीय अधिकारी के साथ विवाद हुआ था, जिसके बाद उन्हें अधिकारी की गुमशुदगी तक दर्ज कराई थी। जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को बीच में आना पड़ा था।

दो-दो प्रकरण पर आमने सामने
खाद्य ,नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले की मंत्री रेखा आर्या ने खाद्य आयुक्त सचिन कुर्वे के नैनीताल जिले के जिला पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन को अनिवार्य रूप से अवकाश पर भेजे जाने को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। मंत्री ने खाद्य आयुक्त को पत्र लिखकर कहा कि उक्त विषय को मेरे संज्ञान में लाये बिना आयुक्त खाद्य द्वारा की गई कार्रवाई को तत्काल निरस्त किया जाता है। रेखा आर्या ने कहा कि विभागीय मंत्री के अनुमोदन के बिना इस तरह की कार्रवाई किया जाना मनमानी एवं एकाधिकार का प्रतीत है। बाबजूद इसके आयुक्त सचिन कुर्वे ने 6 जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारियों के तबादले कर दिए। खाद्य आयुक्त सचिन कुर्वे के द्वारा की गई इस प्रकार की कार्रवाई पर रेखा आर्या ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और खाद्य आयुक्त को पत्र जारी कर जवाब देने को कहा है।
क्या है विवाद का कारण
बीते 20 जून को नैनीताल जिले के जिला पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन को अनिवार्य रूप से अवकाश पर भेजे जाने का आदेश जारी किया गया। जिस पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए खाद्य आयुक्त द्वारा की गई कार्रवाई पर स्पष्टीकरण देने को कहा। खाद्य आयुक्त सचिन कुर्वे ने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया और 6 जिलों के जिला पूर्ति अधिकारियों के स्थानांतरण कर दिए। रेखा आर्या ने इसके बाद मुख्य सचिव को पत्र लिखकर नाराजगी जताई। उन्होंने सचिन कुर्वे पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही इस प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री को भी शिकायत की है।साथ ही सचिव को हटाने की भी मांग की है।
पहले भी हो चुके हैं विवाद
इससे पूर्व त्रिवेंद्र रावत सरकार में भी रेखा आर्य का विभागीय अधिकारी से विवाद हुआ था। तब रेखा आर्य और आईएएस अधिकारी वी.षणमुगम के बीच चल रहे विवाद को लेकर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अब उच्च स्तरीय जांच बैठाई। लेकिन रेखा आर्य ने जांच आईएएस अधिकारी को सौंपने पर सवाल भी खड़े किए थे। तत्कालीन राज्य मंत्री रेखा आर्य और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक वी.षणमुगम के बीच विवाद एक निजी आउटसोर्सिंग कंपनी को टेंडर जारी करने को लेकर हुआ। जिसे लेकर राज्य मंत्री रेखा आर्य ने आपत्ति जताई थी। राज्यमंत्री ने कई बार निदेशक को कई बार मिलने के लिए भी बुलाया था। मगर बार-बार कहे जाने के बावजूद भी जब निदेशक मंत्री से मिलने नहीं पहुंचे। तो राज्यमंत्री ने निदेशक की गुमशुदगी को लेकर शिकायत पत्र डीआईजी देहरादून को भेजा था। जिसके बाद मुख्यमंत्री को पूरा विवाद सुलझाना पड़ा।












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