Dhami cabinet decision एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स में 22 पदों को किया गया सृजित, जानिए मंत्रिमंडल के 6 फैसले
Dhami cabinet decision धामी कैबिनेट ने 6 अहम फैसलों पर मुहर लगाई है। सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स में पहली बार 22 पदों का सृजन किया गया है। साथ ही वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतनमान दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद उत्तराखंड में ड्रग फ्री मुहिम और तेज होगी। अभी तक एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स में पुलिस फोर्स से प्रतिनियुक्ति पर कार्मिक लिए जा रहे थे। टॉस्क फोर्स का गठन 2022 में किया गया था। अब इस फोर्स के लिए अलग से ढांचा खड़ा करने की शुरूआत हुई है।

इस क्रम में राज्य मुख्यालय में पहली बार 22 पदों का सृजन किया गया है। एक पुलिस उपाधीक्षक, दो ड्रग निरीक्षक, एक निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक, चार मुख्य आरक्षी और आठ आरक्षी, दो आरक्षी चालक समेत कुल 22 पद सृजित किए जाएंगे।
- वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतनमान दिए जाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने सरकार को संस्तुति दी थी। इस आधार पर सरकार ने 589 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को न्यूनतम 18 हजार रूपये वेतन देने का निर्णय लिया है। वन विभाग/वन विकास निगम में कार्यरत दैनिक श्रमिकों की कुल संख्या 893 है, जिसमें से 304 श्रमिकों को पूर्व से ही न्यूनतम वेतनमान का लाभ प्राप्त हो रहा है।
- कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआई) के अंतर्गत चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्सा अधिकारियों और उच्चतर पदों की सेवा-शर्तों के निर्धारण के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस क्रम में उत्तराखण्ड कर्मचारी राज्य बीमा योजना, श्रम चिकित्सा सेवा नियमावली, 2026" को प्रख्यापित किया गया है, जिसके तहत कुल 94 पद होगें। इनमें 76 चिकित्सा अधिकारी, 11 सहायक निदेशक, छह संयुक्त निदेशक और एक अपर निदेशक का पद शामिल है। इससे पहले, ईएसआई के ढांचे में एक सीएमओ और 13 चिकित्सा अधिकारी के पद शामिल थे।
- मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की कार्यान्वयन अवधि वित्तीय वर्ष 2025-26 तक विस्तारित किए जाने के संबंध में भी निर्णय लिया है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा केंद्र प्रायोजित योजना प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की कार्यान्वयन अवधि को एक वर्ष के लिए 31 मार्च 2026 (वित्तीय वर्ष 2025-26) तक बढ़ाया गया है। इस क्रम में राज्य सेक्टर के अंतर्गत संचालित "मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की कार्यान्वयन अवधि को भी वित्तीय वर्ष 2025-26 (दिनांक 31 मार्च 2026) तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि भविष्य में यदि भारत सरकार के स्तर पर इस योजना की अवधि विस्तारित होती है, तो राज्य में भी इसे विस्तारित माना जाएगा।
- उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रारूपण के संबंध में भी निर्णय लिया है।
- कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान उद्योगों को राहत प्रदान किए जाने के उद्देश्य से लागू किए गए बोनस संदाय (उत्तराखण्ड संशोधन) विधेयक, 2020 को यथास्थिति विधान सभा से वापस लिए जाने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है।












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