Dehradun zoo में पहुंचे दो नन्हें मेहमान गुलदार शावक,जानिए कैसे पड़ा रुकसाना और तहसीम नाम
dehradun zoo दून जू में दो नन्हें मेहमान शावक पहुंच गए हैं। जिनका अब दूनवासी और पर्यटक दीदार कर सकते हैं। इन गुलदार के दो शावकों को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर से लाया गया है।
dehradun zoo दून जू में दो नन्हें मेहमान शावक पहुंच गए हैं। जिनका अब दूनवासी और पर्यटक दीदार कर सकते हैं। इन गुलदार के दो शावकों को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर से लाया गया है। इनमें मादा की उम्र करीब 11 महीने और नर शावक की उम्र करीब आठ माह है। मादा गुलदार का नाम रुकसाना और नर का नाम तहसीम रखा गया है। इनका नाम सेंटर के केयर टेकर तहसीम और उनकी पत्नी के नाम पर रखा गया है। जिन्होंने इन शावकों को अपने बच्चे की तरह पाला है। ये दोनों शावक अनाथ बताए जाते हैं। जिन्हें दंपति ने अपने बच्चों की तरह पाला है।

देहरादून के मालसी स्थित चिड़ियाघर में गुलदार के दो शावकों को लाया गया है। ये शावक चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर से लाए गए हैं। इनमें मादा की उम्र करीब 11 महीने और नर शावक की उम्र करीब आठ माह है। मादा गुलदार का नाम रुकसाना और नर का नाम तहसीम रखा गया है। इनका नाम सेंटर के केयर टेकर तहसीम और उनकी पत्नी के नाम पर रखा गया है। कुछ दिन इन दोनों पर चिकित्सकों और विशेषज्ञों की खास नजर रहेगी।
देहरादून चिड़ियाघर में कुछ सालों से नए जानवरों को लाने की प्रक्रिया चल रही थी। इनमें बाघ, सफेद व काले भालू, हाइना और गुलदार शामिल हैं। इनके लिए चिड़ियाघर में नए बाड़ों का निर्माण भी किया गया था। चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर से केयर टेकर तहसीम के साथ दोनों शावक मालसी जू पहुंचे। यहां पर अधिकारियों की उपस्थिति में दोनों को अलग.अलग बाड़ों में रखा गया।












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