35 मिनट में Dehradun से पांवटा साहिब, फरवरी तक पूरा होगा प्रोजेक्ट, मसूरी से भी जोड़ने का है प्लान, जानिए कैसे
Dehradun देहरादून में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए एनएचएआई कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण है दून से पांवटा साहिब। फरवरी 2026 तक ये प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रोजेक्ट को भविष्य में मसूरी से भी जोड़ने का प्लान है। यह कॉरिडोर प्रस्तावित देहरादून-मसूरी कनेक्टिविटी से भी जुड़ेगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से बनाए जा रहे देहरादून-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। 44 किमी के इस हाईवे पर यमुना नदी पर 1.17 मीटर का पुल बनाया गया है। हिमाचल की तरफ इस पुल पर एप्रोच रोड बनाने का काम चल रहा है।

दूसरा प्रेमनगर नगर पास बन रहे अंडरपास का निर्माण पूरा होते ही दून से पांवटा साहिब की दूरी मात्र 35 मिनट में तय की जा सकेगी। 2022 में यह प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ था। इसकी लागत 1640 करोड़ रुपये है। इसको दो चरण में बनाया गया।
पैकेज वन पांवटा साहिब से लेकर मेदनीपुर तक करीब 18.700 किमी तक बनाया गया। इसकी लागत करीब 523.21 करोड़ है। इसमें यमुना नदी पर बनाया गया 1.17 किमी का यमुना नदी पर बनाया गया पुल है। इसके साथ ही पैकेज टू में मेदनीपुर से लेकर बल्लुपर तक बनाया गया। इसकी लागत 1093 करोड़ है और इसकी लंबाई 26.100 किमी है। यह हाइवे पांवटा हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब और देहरादून का जोड़ता है।
- राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, भारत (एनएचएआई) द्वारा पांवटा साहिब - बल्लूपुर चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना (एनएच-07) को स्वीकृति प्रदान की गई।
- पांवटा साहिब-बल्लूपुर परियोजना के अंतर्गत एनएच-07 के कुल 44.800 किलोमीटर लंबे खंड का उन्नयन एवं चार-लेनीकरण किया जा रहा है, जो पांवटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) से प्रारंभ होकर बल्लूपुर चौक, देहरादून (उत्तराखंड) तक विस्तारित है।
- मौजूदा पांवटा साहिब-बल्लूपुर सड़क की कुल लंबाई लगभग 52 किलोमीटर है, जो किमी 97.00 (पांवटा साहिब) से किमी 148.80 (बल्लूपुर चौक, देहरादून) तक फैली हुई है। प्रस्तावित चार-लेन परियोजना के अंतर्गत लगभग 25 किलोमीटर ग्रीनफील्ड हाईवे विकसित किया गया है, जो पांवटा साहिब, हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई और सुधोवाला जैसे भीड़भाड़ वाले कस्बों को बायपास करता है।
- इस ग्रीनफील्ड बायपास से मार्ग की लंबाई में लगभग 7 किलोमीटर की कमी आई है, जिससे यात्रा समय एवं ईंधन खपत में उल्लेखनीय बचत होगी और सड़क उपयोगकर्ताओं को अधिक सुरक्षित एवं सुगम ड्राइविंग अनुभव प्राप्त होगा।
- यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए एनएचएआई द्वारा इस कॉरिडोर के उन्नयन के साथ-साथ एक ग्रीनफ़ील्ड हाईवे का भी विकास किया जा रहा है, जो दिल्ली-देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर का विस्तार होगा।
परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मोड (HAM) के अंतर्गत दो पैकेजों में क्रियान्वित किया जा रहा है-
- पैकेज-I: पांवटा साहिब से मेदनीपुर (18.700 किमी)
- इस पैकेज की लागत ₹553.21 करोड़ है। इसके अंतर्गत 1,175 मीटर लंबा चार-लेन यमुना नदी पुल निर्मित किया गया है, जो परियोजना की एक प्रमुख इंजीनियरिंग उपलब्धि है।
- पैकेज-II: मेदनीपुर से बल्लूपुर, देहरादून (26.100 किमी)
- परियोजना की कुल लागत ₹1,646.21 करोड़ है, जिसमें भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग की लागत भी सम्मिलित है।
- परियोजना से कुल 25 गांव प्रभावित हैं, जिनमें 21 गांव उत्तराखंड तथा 4 गांव हिमाचल प्रदेश में स्थित हैं।












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