Uttarakhand: दून अस्पताल के डॉक्टर शशांक सिंह ने पेश की मानवता की मिसाल,स्वास्थ्य मंत्री ने बताया भगवान का रूप
डॉक्टर ने मरीज का ऑपरेशन करने से पहले खुद हीब्लड डोनेट किया
उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में तैनात सीनियर रेजिडेंट ऑर्थोपैडिक डॉक्टर शशांक सिंह ने एक मिसाल पेश की है। जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने भी डॉक्टर की इस पहल का स्वागत कर कहा है कि चिकित्सक भगवान का रूप होते हैं, ये डॉ. शशांक ने फिर साबित कर दिया। डॉक्टर शशांक सिंह ने एक मरीज का ऑपरेशन करने से पहले खुद ही एक यूनिट ब्लड डोनेट किया। जिसके बाद डॉक्टर की हर कोई तारीफ कर रहा है।

ऑपरेशन से पहले मरीज को खून देकर मानवता की मिसाल पेश की
उत्तराखंड में स्वास्थ महकमा हर बार निशाने पर रहता है। खासकर डॉक्टरों की शिकायते आए दिन मरीज करते रहते हैं। लेकिन कई डॉक्टर इस सिस्टम में ऐसे भी हैं जो दूसरे डॉक्टर के लिए मिसाल बन गए हैं। ऐसा ही एक मामला राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में सामने आया है। ऑर्थोपैडिक डॉक्टर शशांक सिंह ने ऑपरेशन से पहले मरीज को खून देकर मानवता की मिसाल पेश की उसके बाद अपनी ड्यूटी भी पूरी की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार देहरादून निवासी 60 वर्षीय अवधेश गहरे गड्ढे में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनकी छाती, हाथ और जांघ की हड्डी टूट गई है। इलाज के लिए उन्हें दून मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। छाती, बाएं हाथ और जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर होने से मरीज को तीन दिन आईसीयू में रखने के बाद हालत ठीक हो पाई। इसके बाद डॉक्टरों ने उनकी जांघ की हड्डी का ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।
डॉक्टर ने खुद ही खून दिया, इसके बाद मरीज का ऑपरेशन किया
23 नवंबर को ऑपरेशन की डेट तय हुई लेकिन खून की कमी के कारण ऑपरेशन नहीं हो पाया था। उन्हें दो यूनिट खून की जरूरत थी। परिजन जब खून का इंतजाम नहीं कर पाए तो इलाज करने वाले डॉक्टर शशांक सिंह ने खुद ही खून दे दिया। इसके बाद मरीज की जांघ की हड्डी का ऑपरेशन किया। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने डॉ. शशांक सिंह और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भावना प्रत्येक डॉक्टर व कर्मचारियों में होनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने भी सोशल मीडिया के जरिए कहा कि दून अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के ऑर्थो सर्जन डॉ. शशांक की जितनी तारीफ की जाए कम है। डॉ. शशांक ने एक गंभीर रूप से चोटिल व्यक्ति का ऑपरेशन करने से पहले उसे खून देकर एक मिसाल पेश की है। चिकित्सक भगवान का रूप होते हैं, ये डॉ. शशांक ने फिर साबित कर दिया। आपको साधुवाद।












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