पनामा कंट्री से आए जोड़े ने गंगोत्री धाम में हिंदू रीति रिवाज से रचाई शादी, विवाह के साक्षी बने पंडा पुरोहित
पनामा कंट्री के जोस गोंजालेन और फिलिजाबेथ ने रचाई शादी
देहरादून, 17 मई। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध धामों में देश ही नहीं विदेश की भी आस्था जुड़ी रहती है। यही कारण है कि यहां कई विदेशी सेलानी सिर्फ घूमने नहीं आते बल्कि अपनी जिदंगी के कई अहम फैसले और पल को बिताने आते हैं। ऐसे में विदेशियों की हिंदू धर्म के प्रति आस्था भी देखने लायक होती है। मंगलवार को ऐसा ही एक नजारा गंगोत्री धाम में देखने को मिली जब दूल्हा जोस गोंजालेन और दुल्हन फिलिजाबेथ ने मां गंगा को साक्षी मानकर हिंदू रीति रिवाज से शादी रचाई। दोनों जोड़े पनामा कंट्री से भारत आए हुए हैं।

देश ही नहीं विदेशियों की भी है मां गंगा से आस्था
देवभूमि के चारधाम के प्रति भक्तों की आस्था देखते ही बन रही है। जिसमें देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं के कई रंग देखने को मिल रहे हैं। कोई भक्ति में लीन होकर यहां समय बिता रहा है तो कोई जिदंगी के अहम कदम को यहां आकर बढ़ा रहे हैं। पनामा कंट्री से भारत आए जोस गोंजालेन और फिलिजाबेथ गंगोत्री धाम में एक दिन पहले ही विवाह रचाने पहुंचे। सुबह गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित आचार्य विपिन सेमवाल व अध्यक्ष गंगा पुरोहित सभा के पवन सेमवाल ने भगीरथ शिला पर पूजा अर्चना के साथ जोड़े का विवाह संपन्न कराया। पुरोहितों ने दोनों को विवाह सम्पन्न होने की बधाई दी और नए जीवन के लिए आशीर्वाद भी दिया। इस दौरान दोनों ने हिंदू रीति रिवाज से शादी की। जिसमें सिंदूर से मांग भरने, मंगलसूत्र पहनाने और सात फेरे लेकर एक दूजे के हो गए। इस मौके पर कई विदेशी वहां मौजूद रहे। यह विवाह सभी लोगों के लिए खास आकर्षण का केन्द्र बना रहा। गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित और व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष सत्येंद्र सेमवाल ने बताया कि मां गंगा के प्रति देश ही नहीं विदेशियों की भी खास आस्था है। इस वजह से हिंदूओं के संस्कार धाम पर पूरे वैदिक मंत्रोचार और रीति रिवाज के साथ किए जाते है। जिसमें कई बार विदेशी सेलानी भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं।












Click it and Unblock the Notifications