उत्तराखंड में धर्मांतरण कानून को बनाया जाएगा और सख्त, धामी सरकार का फैसला, पुलिस मुख्यालय पर एसआईटी होगी गठित
Conversion law Uttarakhand उत्तराखंड में धामी सरकार ने धर्मांतरण कानून को और सख्त बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए सीएम धामी ने जरूरी कदम भी उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ऑपरेशन कालनेमि को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
धामी सरकार ने पुलिस मुख्यालय के स्तर पर, इसकी निगरानी के लिए एसआईटी का गठन करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि प्रदेश में बीते कई दिनों से ऑपरेशन कालनेमि चलाया जा रहा है। जिसमें फर्जी बाबाओं और ढ़ोगी बाबाओं को पुलिस पकड़कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा रही है।

इसमें प्रदेश भर से 500 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। जिन पर कार्रवाई की गई है। इस बीच पुलिस के सामने कई ऐसे मामले भी सामने आए जिसमें मुस्लिम समुदाय और बांग्लादेश भेष बदलकर इस तरह लोगों को ठगने की कोशिश भी कर रहे थे। पुलिस ने इन पर भी सख्ती से कार्रवाई की है। साथ ही धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड छांगुर बाबा गिरोह के सदस्यों का उत्तराखंड से भी कनेक्शन सामने आया है।
जिसमें पुलिस ने दो मुकदमें भी दर्ज किए हैं। ऐसे में पुलिस इन मामलों में सतर्क हो गई है। जिसके बाद राज्य सरकार ने सख्ती करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में धर्मांतरण कानून को और सख्त बनाते हुए, जरूरी कदम भी उठाने के निर्देश दिए हैं। उच्चाधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सीमांत प्रदेश होने के साथ ही सनातन की पुण्य भूमि भी है।
इसलिए यहां डेमोग्राफी में बदलाव की किसी भी कोशिश को सख्ती से रोका जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे। धर्मांतरण कराने वाले तत्वों के जाल में फंसे लोगों को उचित परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं को देखते हुए, धर्मांतरण कानून को और सख्त बनाए जाने की दिशा में तत्काल कदम उठाए जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऑपरेशन कालनेमि भी ऐसे तत्वों पर लगाम लगाने में सफल रहा है। इस मुहिम को आगे भी चलाए जाने की जरूरत है, इसलिए पुलिस मुख्यालय के स्तर पर, इसकी निगरानी के लिए एसआईटी का गठन किया जाए।












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