CM धामी की कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात, दूसरी सूची में 11 नए दायित्वधारियों के नाम, अब तीसरी का इंतजार
CM Pushkar Singh Dhami उत्तराखंड में धामी सरकार ने एक बार फिर लोकसभा चुनाव से पहले संगठन से जुड़े सीनियर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। इस बार सूची में 11 नए दायित्वधारियों का नाम शामिल हैं। नए साल से पहले सीएम धामी का ये कार्यकर्ताओं और पार्टी को दी गई बड़ी सौगात मानी जा रही है।

विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन करने के बाद भाजपा लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हैं। इसी कड़ी में पहले कार्यकर्ताओं को भी खुश करने की कोशिश जारी है। जिसे देखते हुए उत्तराखंड में सरकार ने 11 सीनियर कार्यकर्ताओं को दायित्व सौंप दिए हैं। इससे पहले एक सूची श्राद्ध से पहले जारी की गई थी। जिसमें 10 सीनियर कार्यकर्ताओं को जगह मिली थी।
अब दूसरी सूची में 11 ओर शामिल किए गए हैं। इस तरह अब तक 21 कार्यकर्ताओं को दायित्व बांटे जा चुके हैं। हालांकि इसके अलावा भी कई कार्यकर्ताओं को निगम, आयोग और समितियों में समय समय पर जिम्मेदारी भी सौंपी जा चुकी है।
इस बार जिन कार्यकर्ताओं को दायित्व बंटे हैं, उनमें चंडी प्रसाद भट्ट को सीमान्त क्षेत्र अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष, विनोद उनियाल को राज्य स्तरीय महिला उद्यमिता परिषद का उपाध्यक्ष, श्यामवीर सैनी को प्रदेश स्तरीय गन्ना विकास सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष, राजकुमार को उत्तराखंड बागवानी विकास परिषद का उपाध्यक्ष, दीपक मेहरा को उत्तराखंड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
विनय रोहिला को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष, उत्तम दत्ता को उत्तराखंड मत्स्य पालक विकास अभिकरण का उपाध्यक्ष, दिनेश आर्य को उत्तराखंड राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया है। गणेश भंडारी को राज्य स्तरीय लघु सिंचाई सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष, देवेन्द्र भसीन को उत्तराखंड राज्य उच्च शिक्षा उन्नयन समिति का उपाध्यक्ष और विश्वास डाबर को अवस्थापना अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
भाजपा में लंबे समय से दायित्वों के बंटने का इंतजार हो रहा था। संगठन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट कई बार इसकी पैरवी भी सीएम धामी से मिलकर कर चुके हैं। साथ ही उन्होंने पहले ही कम से कम चार सूची जारी होने की बात कही थी। माना जा रहा है कि नए साल पर एक ओर सूची जारी की जा सकती है। भाजपा सूत्रों का दावा है कि इन सब को मिलाकर कम से कम 50 सीनियर कार्यकर्ताओं को लोकसभा से पहले दायित्व बांटे जा सकते हैं।












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