सीएम धामी के दिल्ली से लौटते ही उत्तराखंड की सियासत में हलचल तेज,जानिए क्या होगा बदलाव?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिल्ली से देहरादून लौटते ही एक बार फिर सियासत गरमा गई है। भाजपा के अंदरखाने अब कैबिनेट विस्तार की हलचल तेज हो गई है।
माना जा रहा है कि निकाय चुनाव से पहले धामी सरकार मंत्रिमंडल का विस्तार और दायित्व बांट सकती है। हालांकि सावन मास पूरा होने के बाद ही शुभ मूहुर्त में ही मंत्रिमंडल का विस्तार संभव है। जिसके लिए विधायक देहरादून से दिल्ली तक दौड़ लगाने के साथ ही दावा पेश कर रहे हैं।

दिल्ली दौड़ का सिलसिला
बीते दिनों से उत्तराखंड की सियासत में देहरादून से दिल्ली तक दिल्ली दौड़ का सिलसिला जारी रहा। गढ़वाल मंडल के सांसद,विधायक, मंत्री इस दौर में सबसे ज्यादा एक्टिव नजर आए। माना जा रहा है कि गढ़वाल मंडल के नेताओं का हाईकमान पर संतुलन का दवाब है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही नए अध्यक्ष को लेकर लॉबिंग तेज है। ये पद भी गढ़वाल के कोटे में आना तय है।
ये है फॉर्मूला
इस समय सीएम पुष्कर सिंह धामी, केंद्र में मंत्री अजय टम्टा भी कुमाऊं से हैं। जबकि प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, मंत्रिमंडल में 7 में से 4 मंत्री सतपाल महाराज, धन सिंह, प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी गढ़वाल और स्पीकर ऋतु खंडूरी भूषण भी गढ़वाल से हैं। इसके बाद भी संतुलन को लेकर दवाब बनाया जा रहा है।
बड़े नेताओं की मुलाकातें
प्रदेश के बड़े नेताओं मंत्री धन सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, सांसद नरेश बंसल, पूर्व सीएम एवं सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात कर चुके हैं। जबकि पूर्व सीएम डॉ रमेश पोखरियाल निशंक अमित शाह से मिलकर अपना पक्ष रख चुके हैं।
मोदी से लेकर शाह के दरबार में हाजिरी
दिल्ली में अमित शाह के साथ तीन सांसद अनिल बलूनी, त्रिवेंद्र रावत, अजय भट्ट की केंद्रीय मंत्री प्रह्रलाद जोशी की उपस्थिति में मुलाकात हो चुकी है। इसके बाद सीएम धामी दिल्ली पहुंचे। धामी ने दिल्ली में दो दिन में केंद्रीय मंत्री, सांसद अनिल बलूनी और अन्य नेताओं से मुलाकात की। हालांकि इसकी पूरी जानकारी मीडिया में नहीं आई। साफ है कि अंदरखाने सियासत गरमाई हुई है।
मंत्रियों की छुट्टी या विभाग कम
इस बीच कांग्रेस नेता पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी भाजपा में बड़े बदलाव का दावा किया है। लंबे समय से भाजपा की धामी सरकार में 4 कैबिनेट के पद रिक्त चल रहे हैं। जिनको भरने के लिए दवाब बनता जा रहा है। सियासी गलियारों में ये भी चर्चा है कि कुछ मंत्रियों की छुट्टी या विभाग कम किए जा सकते हैं।
हरिद्वार और ये संतुलन बिठाने का दवाब
ऐसे में मंत्रियों में भी इसको लेकर अंदरखाने उथल पुथल जारी है। जो कि सीएम धामी से लेकर दिल्ली दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। माना जा रहा है कि चार में से हरिद्वार जिले को प्रतिनिधित्व मिलना तय है। इसके साथ ही गढ़वाल,कुमाऊं का संतुलन भी बिठाने का भारी दवाब सीएम धामी पर है।












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