संघसरचालक मोहन भागवत से सम्मान पाकर भावुक हुए राजीव अग्रवाल, बोले- जीवन का अविस्मरणीय दिव्य क्षण
जीवन में कुछ क्षण ऐसे होते हैं जो न केवल हृदय को गहराई से स्पर्श करते हैं, बल्कि आत्मा में नई चेतना, नई ऊर्जा और नया उद्देश्य भी भर देते हैं। परम श्रद्धेय संघसरचालक डॉ. मोहन भागवत जी के करकमलों से प्राप्त यह सम्मान, मेरे जीवन के उन्हीं दिव्य क्षणों में से एक बन गया है, जो सदा के लिए स्मृति-पटल पर अमिट रहेगा।
यह कथन है उत्तराखंड के उद्यमी और प्रसिद्ध समाजसेवी राजीव अग्रवाल का और मौका था अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा राजधानी देहरादून में आयोजित अंतर राज्य छात्र जीवन दर्शन समारोह का जहाँ राजीव अग्रवाल को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के हाथों सामाजिक सेवा में उत्तम योगदान के लिए विशिष्ट पुरस्कार दिया गया।

इस पर आगे बात करते हुए अग्रवाल ने बताया कि परम श्रद्धेय संघसरचालक डॉ. मोहन भागवत जी के करकमलों से प्राप्त यह सम्मान, मेरे जीवन के उन दिव्य क्षणों में से एक बन गया है, जो सदा के लिए स्मृति-पटल पर अमिट रहेगा। यह वह पल था, जब हृदय गर्व से भर उठा और आत्मा में एक नई ऊर्जा, एक नई दिशा व एक नई प्रेरणा जगी। यह केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि उस ऋषि-परंपरा की प्रतिध्वनि थी, जिसने जीवन को साधना, सेवा, राष्ट्रभक्ति और उद्देश्य का पथ दिखाया।
इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए राजीव अग्रवाल ने कहा कि यह क्षण न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का प्रतीक था, बल्कि उस आदर्श का भी प्रतिनिधित्व कर रहा था, जिसमें व्यक्ति स्वयं को राष्ट्र और समाज के उत्थान हेतु समर्पित करता है। प्रदेश की राजधानी में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी उपस्थित थे।












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