बजट सत्र दूसरा दिन: चारधाम यात्रा, राशन कार्ड सरेंडर करने और बजट पर चर्चा, विपक्ष एकजुट होकर हमलावर
उत्तराखंड में विधानसभा सत्र के दूसरे दिन बजट पर चर्चा
देहरादून, 15 जून। उत्तराखंड में विधानसभा सत्र के दूसरे दिन चारधाम यात्रा, राशन कार्ड सरेंडर करने और बजट पर चर्चा हुई। इस दौरान पूरा विपक्ष एकजुट होकर सरकार को घेरता रहा। विपक्ष की ओर से सबसे ज्यादा आक्रामक प्रीतम सिंह नजर आए। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, अनुपमा रावत, सुमित ह्रदयेश, राजेंद्र भंडारी, विक्रम सिंह नेगी, ममता राकेश समेत कई विधायकों ने सरकार को घेरने की कोशिश की। सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने मोर्चा संभाले रखा। सत्र के दौरान कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जिसके बाद मंत्री को हायर सेंटर रेफर किया गया है।

यह बजट नहीं हमारा संकल्प-सीएम
बजट को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का बजट आम जनता का उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने वाला है। यह बजट नहीं हमारा संकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प पत्र के अनुसार तीन मुफ्त गैस सिलिंडर के लिए 55 करोड़ की व्यवस्था की गई। उत्तराखंड में रोपवे परियोजनाएं हमारे लिए अति महत्वपूर्ण हैं। अभी सात रोपवे परियोजनाओं की प्रक्रिया चल रही है। इसके अतिरिक्त 35 नई परियोजनाओं को हम पर्वतमाला परियोजना में लेकर आ रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने बताया निराशाजनक बजट
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि बजट की गोपनीयता को भंग किया गया। पहले ही मीडिया में लीक किया गया। उन्होंने कहा कि जब सत्र आहूत किया जाता है तो कोई भी अगर घोषणा होती है वो बाहर नहीं सदन में होती है। आर्य ने कहा कि कि चार माह का लेखानुदान लाया गया। उसका कोई औचित्य नहीं। अब जून माह में बजट आया है, वह कब विभागों तक जाएगा। धरातल पर कब उतरेगा, यह बड़ा सवाल है। आर्य ने कहा कि देश के हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सबसे कम खर्च किया है। यशपाल आर्य ने कहा कि बजट बहुत निराशानजनक है। इसमें केवल आंकड़ों का बाजीगरी की गई है।
चार धाम यात्रा में अव्यवस्थाओं पर विपक्ष ने घेरा
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सदन में नियम 58 के तहत चार धाम यात्रा में अव्यवस्थओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में भारी अव्यवस्था है। लंबे जाम से लोग जूझ रहे हैं। तीर्थयात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। 152 मौतें हो गई। पहली बार इतनी संख्या में मौतें हुई हैं। उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, विधायक राजेन्द्र भंडारी, सुमित ह्रदयेश समेत विपक्ष के कई विधायकों ने चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर सवाल खड़े किए। भुवन कापड़ी ने कहा कि केदारनाथ में 14 हजार की लिमिट तय की गई है। जिससे ऊपर वालों को रुद्रप्रयाग में रोका जाता है। जबकि उन्हें इससे आगे जाना चाहिए था। ऐसे ही बद्रीनाथ में चमोली बॉर्डर पर रोक रहे हैं, जबकि उन्हें जोशीमठ तक जाने देना चाहिए था। केदारनाथ में 18 किलोमीटर की यात्रा के दौरान बारिश, डॉक्टर, शौचालय की व्यवस्था नहीं है। 18 किलोमीटर में कहीं भी घोड़ों खच्चरों के पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। यात्री को ले जाने वाले घोड़े को बर्फ का पानी देने पर उनकी मौत हो जाती है। यात्रा में जानवरों के साथ बर्बरता हो रही है। बद्रीनाथ के विधायक राजेंद्र भंडारी ने कहा कि यात्रा के दौरान यात्रियों को रोका जा रहा है। जबकि धाम में यात्री ही नहीं है। उन्होंने पंच केदार और अन्य धार्मिक स्थलों को भी सही तरह से संचालित न होने का आरोप लगाया है। विधायक सुमित ह्रदयेश ने रजिस्ट्रेशन करने वाली कंपनी के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
राशन कार्ड सरेंडर को लेकर भी हंगामा
सत्र में खाद्य विभाग के अपात्र को न और पात्र को हां अभियान का मुद्दा उठा। विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि राशन कार्ड रद्द करने में आर्थिक सर्वेक्षण की आवश्यकता नहीं है। नियम 58 के तहत विपक्षी विधायकों ममता राकेश, भुवन कापड़ी, विक्रम नेगी, विरेंद्र कुमार और सुमित हृदयेश ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के बिना राशन कार्ड रद्द नहीं किए जा सकते। विभागीय मंत्री ने कहा कि जिस परिवार के सदस्यों की मासिक आय 15 हजार से ज्यादा है, जिनके पास चार पहिया वाहन या जिन परिवारों के पास दो हेक्टेयर सिंचित भूमि है ऐसे परिवार नए नियमों के तहत अपात्र होंगे। साथ ही इसका आर्थिक सर्वेक्षण कराया जाए।












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