Char dham yatra 2023: श्रद्धालुओं में भारी उत्साह, रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 2.50 लाख पार, ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन
चारधाम यात्रा के लिए 2.50 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण कर चुके हैं। केदारनाथ के लिए 1.39 लाख जबकि बदरीनाथ धाम के लिए 1.14 लाख श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है।

चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह नजर आ रहा है। यात्रा को लेकर अब तक रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 2.50 लाख को पार कर चुका है। इसके साथ ही जीएमवीएन के गेस्ट हाउस में अब तक लगभग पांच करोड़ की बुकिंग हो चुकी है।
केदारनाथ के लिए 1.39 लाख रजिस्ट्रेशन
आगामी 22 अप्रैल से चारधाम यात्रा का आगाज होने जा रहा है। गंगोत्री, यमुनोत्री के 25 अप्रैल व बद्रीनाथ के कपाट 27 अप्रैल को खुलेंगे। जिसको लेकर रजिस्ट्रेशन जारी है। वर्तमान में केदारनाथ व बद्रीनाथ के लिए ही रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं। केदारनाथ के लिए 1.39 लाख श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। जबकि बदरीनाथ धाम के लिए 1.14 लाख श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। चारधाम यात्रा के लिए 2.50 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण कर चुके हैं। बद्री केदार मंदिर समिति और प्रशासन से लेकर सरकार तक तैयारियों में जुटी है। इस बार धामों में मंदिर के दर्शन के लिए टोकन सिस्टम पर भी काम किया जा रहा है। जिससे श्रद्धालुओं को लाइन में घंटो इंतजार नहीं करना पड़ेगा। टोकन मिलने से दर्शन का समय तय हो जाएगा। इसके साथ ही मंदिर समिति कई नए नियमों पर भी काम कर रही है। जिसके लिए जल्द ही एसओपी जारी कर दी जाएगी। खास बात ये है कि इस बार यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद को देखते हुए सरकार स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष फोकस कर रही है।
ऐसे कराएं पंजीकरण
चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु पर्यटन विभाग की वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in या व्हाट्सअप नंबर 8394833833 या टोल फ्री नंबर 1364 के जरिये भी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। चार धाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए 4 तरह से पंजीकरण की व्यवस्था की गई है जिसमें ऑनलाइन पंजीकरण, ऐप के माध्यम से पंजीकरण, ऑन कॉल पंजीकरण और व्हाट्सएप के माध्यम से पंजीकरण करवाया जा सकता है। धामों में कतार प्रबंधन के लिए स्लॉट टोकन व्यवस्था की शुरुआत की गई है। यात्रा को लेकर बनाए जा रहे नियमों पर अब स्थानीय लोग और पुरोहितों की नजरें टिकी हुई है। सरकार पंजीकरण के नियमों में स्थानीय लोगों के लिए क्या व्यवस्था रखती है। इस पर अभी से बहस शुरू हो गई है। स्थानीय लोग और पुरोहित इसका विरोध करने लगे हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या सीमित करने का भी होटल व्यवसायी और पुरोहित विरोध कर रहे हैं। ऐसे में सरकार केयरिंग कैपेसिटी पर क्या निर्णय लेती है। इस पर सबकी निगाहें टिकी है।












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