Char dham yatra 2023: चार दिन में पंजीकरण की संख्या एक लाख पार, श्रद्धालुओं का उत्साह बना सकता है नया रिकॉर्ड
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। चार दिन के भीतर केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के लिए पंजीकरण की संख्या एक लाख पहुंच गई है।

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह नजर आ रहा है। यात्रा को लेकर लोगों में कितना उत्साह है कि इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चार दिन के भीतर केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के लिए पंजीकरण की संख्या एक लाख पहुंच गई है। इसमें केदारनाथ के लिए 54 हजार और बदरीनाथ के लिए 44 हजार से अधिक यात्रियों ने पंजीकरण कराया है।
पंजीकरण अभी सिर्फ केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के लिए हो रहे
चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि चार दिन में ही पंजीकरण 1 लाख पार हो गया है। वो भी तब जब पंजीकरण अभी सिर्फ केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के लिए ही हो रहे हैं। गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के लिए अभी पंजीकरण नहीं खुले हैं। गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने का मुर्हुत अभी तय नहीं हुआ है। वर्तमान में केदारनाथ व बदरीनाथ धाम की यात्रा करने के लिए आनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
यात्रा का आगाज 22 अप्रैल 2023 से
चारधाम यात्रा का आगाज 22 अप्रैल 2023 से होगा। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हो गई है। 26 को बाबा केदारनाथ और 27 को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। ऐसे में यात्रा के लिए अब दो माह का समय बचा हुआ है। 20 मार्च के बाद यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के लिए पंजीकरण शुरू हो सकता है। नवरात्र में मंदिर समितियों की ओर से गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की जाएगी। इसके बाद ही पर्यटन विभाग दोनों धामों के लिए पंजीकरण शुरू करेगा।
यात्रियों के लिए 4 तरह से पंजीकरण की व्यवस्था
चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु पर्यटन विभाग की वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in या व्हाट्सअप नंबर 8394833833 या टोल फ्री नंबर 1364 के जरिये भी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। चार धाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए 4 तरह से पंजीकरण की व्यवस्था की गई है जिसमें ऑनलाइन पंजीकरण, ऐप के माध्यम से पंजीकरण, ऑन कॉल पंजीकरण और व्हाट्सएप के माध्यम से पंजीकरण करवाया जा सकता है। धामों में कतार प्रबंधन के लिए स्लॉट टोकन व्यवस्था की शुरुआत की गई है। यात्रा को लेकर बनाए जा रहे नियमों पर अब स्थानीय लोग और पुरोहितों की नजरें टिकी हुई है। सरकार पंजीकरण के नियमों में स्थानीय लोगों के लिए क्या व्यवस्था रखती है। इस पर अभी से बहस शुरू हो गई है। स्थानीय लोग और पुरोहित इसका विरोध करने लगे हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या सीमित करने का भी होटल व्यवसायी और पुरोहित विरोध कर रहे हैं। ऐसे में सरकार केयरिंग कैपेसिटी पर क्या निर्णय लेती है। इस पर सबकी निगाहें टिकी है।
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