Char dham yatra 2023: 500 करोड़ से बेहतर होगी स्वास्थ्य सुविधाएं, स्वास्थ्य विभाग ने इस तरह तैयार की प्लानिंग
चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए केंद्र से 500 करोड़ रुपए मांगे हैं। यात्रा के दौरान ड्यूटी करने वाले डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टॉफ व कार्मिकों को प्रोत्साहन भत्ता देने की योजना बनाई है।

चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार तैयारियों में जुटी है। इस बार सरकार का सबसे ज्यादा फोकस स्वास्थ्य सुविधाओं पर है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नई प्लानिंग पर काम कर रहे हैं। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए केंद्र से 500 करोड़ रुपए मांगे हैं। राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा मार्ग में आने वाले चिकित्सा इकाईयों के उच्चीकरण के साथ ही श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब, कार्डिक यूनिट, ट्रॉमा सेंटर समेत अन्य सुविधाओं के लिए केंद्र से सहयोग मांगा है। इसके साथ ही चारधाम यात्रा के दौरान ड्यूटी करने वाले डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टॉफ व अन्य कार्मिकों को प्रोत्साहन भत्ता देने की योजना बनाई है।
चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्लानिंग
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर एक समीक्षा बैठक के दौरान राज्य सरकार ने यात्रा के लिए प्रस्ताव और डीपीआर मांगा था। जिसको राज्य सरकार ने तैयार किया है। अब ये प्रस्ताव केंद्र को भेजे जाएंगे। केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर इस बार चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्लानिंग की है। जिसके लिए थ्री लेयर हेल्थ सुविधा बनाने पर जोर दिया है। इसके लिए 108 एम्बुलेंस, हेल्थ सपोर्ट सिस्टम, एयर एम्बुलेंस से लेकर ड्रोन से इस बार यात्रा पर निगरानी रहेगी। उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने केंद्रीय मंत्री डा. मनसुख मांडविया से चार धाम यात्रा में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए हेल्थ सपोर्ट विकिसत करने की मांग की थी। जिसमें सबसे ज्यादा जरुरत इमरजेंसी सेवा पर फोकस करने की बात थी। इसके लिए केद्र ने नई थ्री लेयर व्यवस्था बनाई है। इस व्यवस्था में यात्रा मार्गों पर 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा के साथ ही एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस (एएलएस) व कार्डिक एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा एम्स ऋषिकेश के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग आपातकाल में एयर एंबुलेंस सेवा के साथ ही जीवनरक्षक दवाइयां पहुंचाने के लिए ड्रोन सेवा भी उपलब्ध कराएगा।
कैथ लैब एवं ट्रामा सेंटर स्थापित करने पर भी सहमति
केंद्रीय मंत्री की ओर से सहमति देते हुए शीघ्र डीपीआर उपलब्ध कराने को कहा गया। इसी दौरान श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब एवं ट्रामा सेंटर स्थापित करने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा एम्स ऋषिकेश, दून मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज आपसी समन्वय बनाते हुए आपातकालीन स्थिति में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एयर एंबुलेंस सेवा व दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए ड्रोन की सेवाएं उपलब्ध करायेंगे। केदारनाथ, यमुनोत्री, हेमकुंड साहिब की पैदल मार्ग पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रत्येक एक किलोमीटर की दूरी पर मेडिकल रिलीफ प्वाइंट (एमआरपी) स्थापित किए जाने की सैद्धांतिक सहमति बनी है। इन स्थानों पर यात्रा काल के दौरान चिकित्सकों के साथ ही फार्मासिस्ट व पैरामेडिकल स्टॉफ भी तैनात रहेगा। जिनके पास ईसीजी मशीन, पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ जरूरी जीवनरक्षक दवाइयां उपलब्ध रहेंगी। इस तरह स्वास्थ्य सुविधाओं पर खास ध्यान दिया जाएगा जिसके लिए केंद्र से बजट मांगा गया है।
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