देहरादून में बजट सत्र, कांग्रेस की गैरसेंण में प्रतीकात्मक विधानसभा, जानिए किन मुद्दों को लेकर है विरोध
उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र देहरादून में 26 फरवरी से शुरू होगा। जिसके विरोध में कांग्रेस गैरसेंण में प्रतीकात्मक विधानसभा आयोजित करने जा रही है। पीसीसी की ओर से 27 फरवरी को गैरसैंण में जन भागीदारी से प्रतीकात्मक विधानसभा आयोजित करने का निर्णय लिया है।

धामी सरकार का बजट सत्र 26 फरवरी से देहरादून में आयोजित होगा। इसको लेकर 40 विधायकों ने पत्र के माध्यम से सत्र को देहरादून में ही आयोजित करने की मांग की। जिसके बाद सत्र देहरादून में ही आयोजित हो रहा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों एवं राज्य निर्माण में शहीद हुए आन्दोलनकारियों की गैरसैण को राजधानी घोषित करने की प्रमुख मांग थी। कांग्रेस पार्टी ने जन भावना और आंदोलनकारियों की मांग का सम्मान करते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा गैरसैण मे विधानसभा भवन एवं अन्य ढांचे का निर्माण करते हुए विधानसभा का सत्र भी आयोजित किया गया था और जब वहां विधानसभा का भवन नहीं बना था तब टेंट में कैबिनेट की बैठक भी आयोजित की।
इतना ही नहीं टेंट में ही विधानसभा का सत्र भी कांग्रेस पार्टी की सरकार ने आयोजित करने का काम किया था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने आन्दोलन की भावना को कुचलते हुए विधानसभा का दिव्य भव्य भवन होने की बावजूद भी वहां राजधानी घोषित करने और विधानसभा का सत्र आयोजित करने से परहेज किया है।
इसका क्या कारण है पर्वतीय राज्य की राजधानी अगर फरवरी मार्च में वहां आयोजित नहीं होगी तो कब होगी यह सरकार को बताना चाहिए। कहा कि गैरसैण में जन भागीदारी से प्रतीकात्मक विधानसभा का आयोजन कर और जन मुद्दों पर चर्चा कर कांग्रेस पार्टी प्रदेश सरकार को सीधा-सीधा संदेश देना चाहती है कि गैरसैंण में बिना बहाने बाजी और किसी कठिनाई के विधानसभा का सत्र आयोजित किया जा सकता है अगर मनसा और इच्छा शक्ति वहां पर सत्र अयोजित करने की हो।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा के आह्रवान पर 27 फरवरी को गैरसैण में आयोजित प्रतीकात्मक विधानसभा में राज्यहित एवं जनहित से जुडे मुद्दों के साथ-साथ भू-कानून, अंकिता भण्डारी हत्याकांड, पलायन राज्य में बढ़ती बेरोजगारी, महिला अपराध, बिगडती कानून व्यवस्था, चरमराती स्वास्थ्य सेवायें, भर्ती घोटाले, अग्निवीर , उपनल कर्मचारी की मांग और कोविड कर्मचारियों की समस्या आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों , जोशीमठ आपदा, रैणी आपदा, सिलक्यारा टनल दुर्घटना व सरकारी विभागों मे बढ़ते भारी भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर जनता का सदन लगाकर चर्चा की जायेगी।
करन माहरा ने कहा कि गैरसैण में आयोजित होने वाली प्रतीकात्मक विधानसभा में राज्य की आम जनता से प्रतिभाग करने का आह्रवान किया गया है। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा वर्तमान विधानसभा सत्र गैरसैण के स्थान पर देहरादून में आयोजित करने की घोषणा की गई है तथा विधानसभा सत्र की अवधि भी सीमित दिन की अल्प अवधि रखी गई है जिसमें प्रश्नकाल बहुत कम समय का रखा गया है जिसमें जनहित के मुद्दों पर चर्चा होना संभव नहीं है इसीलिए प्रतीकात्मक विधानसभा में जनहित के सभी मुद्दों पर फैसले लिए जाएंगे।












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