कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री हरक सिंह के भाजपा ज्वाइन करने को लेकर प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कह दी बड़ी बात
कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के भाजपा में आने की चर्चा पर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने फिलहाल विराम लगा दिया है। महेंद्र भट्ट ने साफ किया कि हरक सिंह का भाजपा ज्वाइन करने का सवाल ही नहीं होता। उन्होंने इसे मीडिया की मनगढ़ंत खबर करार दिया है। साथ ही कहा कि भविष्य में ऐसा कुछ होता है तो हाईकमान इस पर निर्णय लेगा। हरक सिंह के मामले पर केंद्रीय नेतृत्व ने ही फैसला लिया था।

हरिद्वार से प्रत्याशी न बनाए जाने से नाराज और ईडी को लेकर चल रही प्रक्रिया को देखते हुए बीते दिनों से कांग्रेस नेता हरक सिंह के भाजपा ज्वाइन करने की खबरें लगातार मीडिया में चलाई जा रही है। लेकिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसे सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि इस पर केंद्रीय नेतृत्व को ही फैसला लेना है। बता दें कि हरक सिंह रावत को विधानसभा चुनाव 2022 से पहले भाजपा ने पार्टी से बाहर कर दिया था।
तब हरक पर अपनी बहू अनुकृति गुंसाई को टिकट देने का दबाव बनाने की बात सामने आई थी। जिस वजह से भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने हरक के कांग्रेस से संपर्क में होने की बात सामने आने पर पार्टी से बाहर कर दिया था। इसके बाद हरक सिंह चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में चले गए।
हालांकि हरक सिंह ने विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा और बहू अनुकृति गुंसाई को लैंसडोन से टिकट दिलवा दिया। लेकिन वह चुनाव हार गई। इसके बाद हरक सिंह हाशिए पर चले गए। इस बीच हरक सिंह रावत के खिलाफ कई मामले खुलते गए। जिसमें पाखरो रेंज सफारी का मामला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। इस बीच हरक सिंह के बेटे के कॉलेज और हरक सिंह के घर पर छापेमारी हुई। जिसके बाद हरक सिंह को ईडी ने समन भेज दिया।
हरक सिंह के साथ उनकी पत्नी, बहू और करीबियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया। उनकी पत्नी और करीबी ईडी के सामने पेश हो चुके हैं। लेकिन हरक सिंह और बहू अनुकृति गुंसाई अब तक पेश नहीं हुई है। इस बार ईडी ने फिर से समय दिया। इस बीच अनुकृति गुंसाई ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। हालांकि हरक सिंह को चुनाव में उड़ीसा का पर्यवेक्षक बनाया गया है। लेकिन हरक की भाजपा में वापसी की खबरें प्रसारित होने लगी। जिसे प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सिरे से नकार दिया है।












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