उत्तराखंड में BJP का 'मास्टर स्ट्रोक', जानिए क्या है 'तीन प्रभारी' बनाने के पीछे की इनसाइड स्टोरी

हिंदू, बंगाली और सिख चेहरों पर बीजेपी ने जताया भरोसा

देहरादून, 9 सितंबर। उत्तराखंड चुनाव में हाईकमान ने चुनाव संचालन की कमान अपने हाथों में ही रखी है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान ये संकेत पहले ही दिए थे। बुधवार को बीजेपी ने उत्तराखंड में चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिए। जिसमें पूरी टीम केन्द्रीय नेतृत्व की पंसद और सभी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए की गई है। उत्तराखंड में किसको चुनाव संचालन की जिम्मेदारी मिलेगी, इस पर अभी पार्टी ने कोई निर्णय न हीं लिया है। कांग्रेस की तरफ से पूर्व सीएम हरीश रावत को चुनाव संचालन समिति की जिम्मेदारी देने के बाद बीजेपी ने अपनी राष्ट्रीय टीम पर ही भरोसा जताया है। उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंपी गई है। इसके साथ ही दो सह प्रभारी नियुक्त किए हैं। भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी और सरदार आरपी सिंह को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

BJPs master in Uttarakhand, know what is the inside story behind making three in charge

टीम तैयार, चुनावी मैदान में उतरने को बेताब
उत्तराखंड प्रदेश में एक चुनावी प्रभारी और दो सहप्रभारी नियुक्त करने के पीछे बीजेपी की मंशा साफ है कि 2022 विधानसभा चुनाव को बीजेपी पूरी गंभीरता के साथ चुनावी मैदान में उतर चुकी है। इसके लिए जो चेहरे चुने गए हैं। वे अपने-अपने प्रदेश और जाति समीकरणों में बड़े चेहरे हैं।

प्रह्लाद जोशी- हिंदू ब्राह्रमण चेहरा
सबसे पहले बात केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की। प्रह्लाद जोशी कर्नाटक का बाह्रमण चेहरा है। प्रह्राद जोशी इतने कद्दावर नेता हैं कि बीएस येडियुरप्पा के इस्तीफे के बाद ब्राह्रमण चेहरे के रूप में वे दौड़ में सबसे आगे रहे। अब प्रह्लाद जोशी के चेहरे का इस्तेमाल बीजेपी उत्तराखंड प्रदेश में करने जा रही है। जो कि ब्राह्रमण चेहरा हैं। उत्तराखंड हिंदू धर्म और आस्था का प्रतीक है। साथ ही चारधाम यात्रा का मुद्दा चुनावी साल में बीजेपी के लिए चेलेंज भी लेकर आया है। ऐसे में प्रह्राद जोशी के अनुभव और चेहरे से बीजेपी हिंदू वोटर को रिझाने की कोशिश करेगी।

लॉकेट चटर्जी- बंगाली और महिला चेहरा
अब बात सहप्रभारी बंगाली अभिनेत्री और सांसद लॉकेट चटर्जी की। जो कि पश्चिम बंगाल का बंगाली और महिला चेहरा हैं। लॉकेट के जरिए बीजेपी उत्तराखंड में महिला वोटर और बंगाली समुदाय को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेंगे। यूएसनगर, सितारगंज में बंगाली समुदाय का प्रभाव है। इस क्षेत्र में बीजेपी लॉकेट चटर्जी के सहारे दूसरे दलों के वोटबैंक में सेंध मारने की कोशिश करेगी।

सरदार आरपी सिंह- सिख और प्रखर वक्ता
दूसरे सहप्रभारी आरपी सिंह भारतीय जनता पार्टी के सिख नेता हैं। आरपी सिंह दिल्ली में विधायक रह चुके हैं। और बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। आरपी सिंह प्रखर वक्ता के साथ ही सिख नेता हैं। जो कि तराई क्षेत्रों में बीजेपी के लिए मददगार साबित हो सकते हैं। इसके साथ ही मोदी सरकार की योजनाओं को लेकर वे जनता के साथ संवाद स्थापित करना और मुद्दों पर बीजेपी का पक्ष रखने में उत्तराखंड में मददगार साबित हो सकते हैं।

किसान आंदोलन का डेमेज कंट्रोल
बीजेपी ने उत्तराखंड में हिंदू बाह्रमण चेहरा, बंगाली समुदाय और सिख नेता को जिम्मेदारी सौंपकर किसान आंदोलन से हो रहे नुकसान की भरपाई या कहें कि डेमेज कंट्रोल को करने की कोशिश भी की है। मैदानी जिलों में किसानों का वोटबैंक किसानों के आंदोलन के बाद बीजेपी से हट सकता है। ऐसे में हिंदू वोटर और दूसरे छोटे-छोटे वोटबैंक को एकजुट कर बीजेपी उत्तराखंड में दोबारा सत्ता हासिल करने का प्रयास करेगी।

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