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Uttarakhand अपनी ही सरकार में विधायक की अधिकारी नहीं सुन रहे आवाज, भाजपा के इस MLA को नहीं मिल रहा आवास

टिहरी भाजपा विधायक किशोर उपाध्याय की नहीं हो रही सुनवाई

उत्तराखंड में टिहरी विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक किशोर उपाध्याय की सुनवाई अपनी ही सरकार में नहीं हो रही है। विधायक ने एक पहल करते हुए जनता के बीच में रहने के लिए टिहरी मुख्यालय में एक सरकारी आवास की मांग की लेकिन प्रशासन ने अब तक विधायक को कोई आवास उपलब्ध नहीं कराया है। प्रशासन का तर्क है कि विधायक के प्रोटोकॉल के तहत कोई आवास उपलब्ध नहीं है। राज्य संपत्ति विभाग से इसको लेकर गाइडलाइन मांगी गई है।

 देहरादून की जगह टिहरी में सरकारी आवास के लिए इच्छा जताई

देहरादून की जगह टिहरी में सरकारी आवास के लिए इच्छा जताई

टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने 20 मई 2022 को विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर देहरादून में विधायक हॉस्टल की जगह टिहरी में सरकारी आवास के लिए इच्छा जताई। विधायक ने इसके बदले देहरादून में सरकारी आवास को निरस्त करने का भी अनुरोध किया। 30 सितंबर 2022 को राज्य संपत्ति विभाग ने जिलाधिकारी टिहरी को पत्र लिखकर अपने स्तर से आवास आवंटन करने के लिए नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा गया।

प्रोटोकॉल के हिसाब से फिलहाल कोई आवास उपलब्ध नहीं

प्रोटोकॉल के हिसाब से फिलहाल कोई आवास उपलब्ध नहीं

जिलाधिकारी टिहरी सौरभ गहरवार का कहना है कि इस बाबत राज्य संपत्ति विभाग को पत्र लिखकर विधायक के आवास के लिए मानक की जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि विधायक जी के प्रोटोकॉल के हिसाब से फिलहाल कोई आवास उपलब्ध नहीं है।

प्रशासन आवास उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है, ये चिंता का विषय

प्रशासन आवास उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है, ये चिंता का विषय

टिहरी के विधायक किशोर उपाध्याय का कहना है कि जब राज्य संपत्ति विभाग और सरकार को कोई आपत्ति नहीं है तो फिर प्रशासन आवास उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है, ये चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश में नौकरशाही किस कदर हावी है। विधायक का कहना है कि जनता की सुविधा के लिए उन्होंने ये पहल की है, साथ ही कोशिश है कि पहाड़ में एक नई पहल होनी चाहिए विधायक जब जनता के बीच में रहकर उनकी समस्या को सुनेंगे तो इससे पलायन और दूसरी समस्याओं का भी समाधान होगा। विधायक ने बताया कि उनसे जिला प्रशासन ने अब तक कोई आधिकारिक बातचीत नहीं की है। किशोर उपाध्याय का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि मुझे 4 या 5 रूम का ही आवास चाहिए प्रशासन के पास जो भी आवास है, उससे ही वे काम चला सकते हैं, उन्हें जनता के कामों को करने के लिए एक आवास ही आवश्यकता है जिसमें रहकर वे जनता के कामों को कर सकें और जनता की सेवा कर सकें। इससे प्रशासन को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।

तीसरी बार टिहरी से विधायक किशोर उपाध्याय

तीसरी बार टिहरी से विधायक किशोर उपाध्याय

उत्तराखंड की सियासत में किशोर उपाध्याय एक बड़ा चेहरा है। किशोर उपाध्याय वर्तमान में भाजपा से टिहरी के विधायक हैं। जो कि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। किशोर उपाध्याय वर्ष 1978 से कांग्रेस से जुड़े, वर्ष 2002 और वर्ष 2007 में वे टिहरी से विधायक रहे। वर्ष 2012 में वे टिहरी से चुनाव हार गए थे। 2014 में कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बनें। 2017 में वे देहरादून की सहसपुर सीट से चुनाव हारे। जनवरी 2022 में वे कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए और टिहरी से भाजपा के सिंबल पर विधायक चुने गए।

इस मामले पर प्रतिक्रियाएं

इस मामले पर प्रतिक्रियाएं

टिहरी के विधायक किशोर उपाध्याय का कहना है कि

जब राज्य संपत्ति विभाग और सरकार को कोई आपत्ति नहीं है तो फिर प्रशासन आवास उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है, ये चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश में नौकरशाही किस कदर हावी है।

जिलाधिकारी टिहरी सौरभ गहरवार का कहना है कि

इस बाबत राज्य संपत्ति विभाग को पत्र लिखकर विधायक के आवास के लिए मानक की जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि विधायक जी के प्रोटोकॉल के हिसाब से फिलहाल कोई आवास उपलब्ध नहीं है।

जय सिंह रावत, वरिष्ठ पत्रकार का कहना है कि

अस्थायी राजधानी देहरादून में एक साल में बमुश्किल 20 दिन भी विधानसभा सत्र नहीं होता तो यहां विधायक का काम क्या है। किशोर उपाध्याय ने अनुकरणीय पहल की है। उनकी इस पहल का अनुसरण सभी विधायकों को करना चाहिए। विधायकों को अपने ही गृह क्षेत्र में रहना चाहिए जनता के बीच।

डॉ अजय ढोंडियाल, वरिष्ठ पत्रकार का कहना है कि

इसको दुर्भाग्य कहा जाना चाहिए, पहाड़ का एक विधायक अपने क्षेत्र में रहकर काम करना चाहता और जनता के बीच रहकर हर बात सुनना चाहता है। लेकिन उसको वहां आवास नहीं दिया जा रहा है। हिमाचल में सभी विधायक अपने अपने गृह क्षेत्र में रहते हैं।

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