'जातीय और धार्मिक भेदभाव को समाप्त करने के लिए देश मे समान नागरिक कानून जरूरी' : दुष्यंत गौतम
भाजपा प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम ने जातीय और धार्मिक भेदभाव को समाप्त करने के लिए देश मे समान नागरिक कानून जरूरी है। दुष्यंत गौतम ने उत्तराखंड में यूसीसी नियमावली ड्राफ्ट सौंपने पर खुशी जताई कि धामी सरकार जनता से किया अपना वादा पूरा करने जा रही है।
उन्होंने यूसीसी को लेकर उम्मीद जताई है कि नियमावली ड्राफ्ट तैयार होने के बाद उत्तराखंड इसे लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को बेहद खुशी एवं संतोष है कि धामी सरकार समान नागरिक कानून के अपने वादे को पूरा करने जा रही है। यह कानून मातृ शक्ति के सशक्तिकरण को सुरक्षा मुहैया करायेगा।

उन्होंने कहा कि यूसीसी ड्राफ्ट मे सभी प्राविधान संविधान के अनुरूप रखे गए है और विस्तृत अध्ययन के बाद ही बिल को अंतिम रूप दिया गया है। यह कानून सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और इसमें किसी धर्म, जाति मे भेदभाव खत्म करता है। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार तथा संपत्ति विवाद मे एक समान कार्य करेगा
दुष्यंत गौतम ने केदारनाथ उपचुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीतने का दावा किया है। कहा कि जनता वहां चहुमुखी विकास के पक्ष और तुष्टिकरण नीति के विरोध में जनादेश देगी। दुष्यंत गौतम ने कहा कि ये चुनाव विकास एवं विरासत की नीति को समर्थन देने का है। प्रदेश की तरह क्षेत्र की जनता भी गवाह है, पीएम मोदी और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में वहां हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों की।
उन्होंने चुनाव को धार्मिक रंग देने के कांग्रेसी आरोपों पर पलटवार किया, हमारी सरकार द्वारा केदार घाटी में इंफ्रास्ट्रक्चर पर शानदार काम हुआ उसका उपयोग सभी धर्म के लोग करते हैं, संचार, स्वास्थ्य, शिक्षा हर घर जल से नल, किसान निधि, मातृ शक्ति को आरक्षण आदि तमाम योजनाओं का लाभ भी समाज के सभी लोग कर रहे हैं।
कहा कि दरअसल हरियाणा एवं जम्मू कश्मीर के नतीजों से विपक्ष के हौसले पूरी तरह पस्त हो गए हैं । यही वजह है कि उन्होंने अभी से हार के बहाने तलाशने शुरू कर दिए हैं । और यदि उन्हें केदार भूमि की जनता से इतना ही डर लगता है तो उनकी पार्टी को अपने सनातन विरोधी पापों के लिए माफी मांगनी चाहिए।












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