जानिए कौन हैं Bhagat Singh Koshyari, विधानपरिषद सदस्य से सीएम और फिर राज्यपाल तक, अब मिलेगा पद्मभूषण सम्मान
Bhagat Singh Koshyari उत्तराखंड के पूर्व सीएम और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण सम्मान से नवाजा जाएगा। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई। भगतदा का विधान परिषद सदस्य से मुख्यमंत्री और राज्यपाल तक का सफर कई चुनौतियों भरा रहा।
कोश्यारी विधान परिषद सदस्य, विधायक, मुख्यमंत्री, राज्यसभा सदस्य, लोकसभा सांसद और फिर राज्यपाल समेत कई अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं। कोश्यारी, उत्तराखंड भाजपा के पहले प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। कोश्यारी अपनी सादगी और स्ट्रेट फॉरवर्ड बात के लिए जाने जाते हैं।

इंदिरा गांधी ने जब साल 1975 में आपातकाल लगाया था, तो उन्होंने इसका विरोध किया था और पौने दो साल तक जेल में बंद रहे। उनका जन्म साल 1942 में उत्तराखंड के बागेश्वर स्थित नामती चेताबागड़ गांव में हुआ था। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी को समर्पित किया है।
भगतदा बहुत की सामान्य परिवार से आते हैं। परिवार की आजीविका का साधन खेती था। इनका प्रारंभिक जीवन काफी गरीबी में बीता। कोश्यारी ने प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय महरगाड़ से प्राप्त की। भगत दा ने हाईस्कूल की शिक्षा कपकोट से और इंटर की शिक्षा पिथौरागढ़ से हासिल की।
भगत दा ने बीए और एमए की पढ़ाई अल्मोड़ा महाविद्यालय से की। एमए अंग्रेजी कोश्यारी वर्ष 1966 में आरएसएस के संपर्क में आए कोश्यारी ने संघ की मजबूती के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। आरएसएस के प्रचारक रहे कोश्यारी ने वर्ष 1977 में पिथौरागढ़ में सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना की। सरस्वती शिशु मंदिर में लंबे समय तक अध्यापन किया।
छात्र राजनीति से राजनीति की शुरुआत करने वाले कोश्यारी ने वर्ष 1989 में अल्मोड़ा संसदीय सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा। इस चुनाव में पराजय के बाद भी कोश्यारी ने जनता से जुड़ाव नहीं छोड़ा। यूपी में विधान परिषद सदस्य, उत्तराखंड की अंतरिम सरकार में ऊर्जा, सिंचाई, संसदीय कार्य मंत्री का दायित्व संभालने वाले कोश्यारी को अंतरिम सरकार में मुख्यमंत्री बनाया गया। बाद में कोश्यारी को लोकसभा और राज्यसभा का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। इसके बाद कोश्यारी को महाराष्ट्र राज्य का राज्यपाल बनाया गया।
- 1997 में वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य चुने गए।
- कोश्यारी को अक्टूबर 2001 से मार्च 2002 तक मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया।
- साल 2002 से 2007 तक उन्होंने उत्तराखंड में नेता विपक्ष की भूमिका निभाई।
- कोश्यारी लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य भी रहे हैं।
- साल 2019 में महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया।
- राजनीतिक विवादों के कारण साल 2023 में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया।












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