स्मार्ट मीटर से फायदा या नुकसान, बिल ज्यादा तो नहीं होगा, सारे सवालों के मिलेंगे जबाव, दूर होगा कन्फ्यूजन
प्रदेश में विरोध के बावजूद स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का काम शुरू हो गया है। जल्द ही आम उपभोक्ताओं के घरों तक स्मार्ट मीटर पहुंचने वाला है। जिसको लेकर लोगों की कई तरह की आशंकाएं हैं। इसके साथ ही लोगों को ये भी डर है कि क्या स्मार्ट मीटर से खर्चा बढ़ने जा रहा है।
तो इसको लेकर सारे कन्फ्यूजन दूर हो जाएगा। स्मार्ट मीटर को लेकर लोग बहुत ज्यादा कन्फ्यूज नजर आ रहे हैं। ऐसे में यूपीसीएल लगातार लोगों को अवेयर करने के साथ इसके फायदे भी बता रहा है।

पहला सवाल तो ये है कि क्या बिल पहले से ज्यादा आएगा तो यूपीसीएल इसको लेकर साफ कर चुका है कि जितनी खपत उतना बिल आएगा। इस तरह की भ्रांति फैलाई जा रही है, जो गलत है। इसके साथ ही रिचार्ज खत्म होते ही क्या बिजली कट जाएगी तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। फिलहाल पहले ही तरह बिल आएगा और जब ये व्यवस्था लागू होगी तो रिमाइंडर भेजा जाएगा। सीधे बिजली नहीं जाएगा। रिचार्ज करने का उपभोक्ता को मौका मिलेगा। इसके अलावा मीटर फूंकने या खराब होने पर 10 साल तक कंपनी मुफ्त में मीटर बदलेगी।
प्रदेश में 16 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की कवायद चल रही है। यूपीसीएल नया बिजली कनेक्शन लेने वालों को फिलहाल पुराना ही मीटर दे रहा है। लोगों का मानना है कि प्रीपेड मीटर की शुरूआत नए कनेक्शन से होनी चाहिए। इसी प्रकार, यूपीसीएल बिजली खपत के औसत के हिसाब से उपभोक्ताओं से एडिशनल सिक्योरिटी लेता है।
ये सिक्योरिटी राशि बिजली इस्तेमाल करने वालों की खपत के हिसाब से एडवांस के तौर पर ली जाती है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर में इसकी जरूरत नहीं होगी। उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रीपेड मीटर लगने वाले हैं लेकिन अभी भी यूपीसीएल एडिशनल सिक्योरिटी राशि बिलों के माध्यम से वसूल कर रहा है। यूपीसीएल प्रबंधन के मुताबिक, सिक्योरिटी राशि बाद में स्मार्ट मीटर के रिचार्ज में समायोजित हो जाएगी।












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