पीएम के केदारनाथ दौरे से पहले सरकार की बढ़ी मुश्किलें, पुरोहितों को मनाने में जुटे सीएम, जानिए क्या हुई बात
पीएम मोदी के केदारनाथ दौरे से पहले सरकार की बढ़ी मुश्किलें, पुरोहितों को मनाने में जुटे सीएम
देहरादून, 3 नवबंर। 5 नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी केदारनाथ दौरे पर आ रहे हैं। कार्यक्रम को हिट करने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झौंक दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के दौरे से पहले केदारनाथ की तैयारियों को लेकर फोकस करना शुरू कर दिया है। हालांकि तीर्थ पुरोहितों के विरोध से राज्य सरकार की नींद उड़ी हुई है। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत प्रकरण और उनके भारी विरोध के बाद से केदारनाथ में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई है। तीर्थ पुरोहितों के भारी विरोध को देखते हुए राज्य सरकार पुरोहितों को मनाने में जुटी है। ऐसे में सरकार दौरे से पहले डेमेज कंट्रोल में जुट गई है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ पहुंचकर तीर्थ पुरोहितों से बातचीत की है। पुरोहितों का दावा है कि सरकार 30 नवंबर तक का समय मांग रही है।

5 को पीएम केदारनाथ में
केदारनाथ पुर्ननिर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। जिसे पीएमओ ने भी गंभीरता से लिया है। अब पीएम 5 नवंबर को केदारनाथ पुर्ननिर्माण के कार्यों और आदि शंकराचार्य की मूर्ति का अनावरण करने आ रहे हैं। जिसके लिए तैयारियां जोरों पर है। राज्य सरकार ने चुनावी साल में इस कार्यक्रम को हिट करने के लिए पूरा जोर लगाया हुआ है। देशभर में इसका सीधा प्रसारण भी होगा। चुनाव में हिंदुत्व कार्ड को लेकर भाजपा रणनीति पर फोकस कर रही है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने भी इस कार्यक्रम को हिट बनाने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। उत्तराखंड में राज्य सरकार और संगठन पीएम के दौरे से पहले पूरी तरह से तैयारी में जुटी है। प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत और सुबोध उनियाल भी केदारनाथ में तैयारियां के देख चुके हैं। मुख्यमंत्री भी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
त्रिवेंद्र प्रकरण बना मुसीबत
इस बीच त्रिवेंद्र सिंह रावत के केदारनाथ दौरे से भाजपा को बड़ा झटका लगा है। त्रिवेंद्र रावत को स्थानीय पुरोहितों ने बाबा के दर्शन नहीं करने दिए। देवस्थानम बोर्ड को लेकर पुरोहित आंदोलन कर रहे हैं। पुरोहितों ने पीएम के दौरे के दौरान भी विरोध करने की बात की है। हालांकि सुरक्षा ऐजिसियां अपने स्तर से तैयारियों में जुटी है। अब सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए खुद मोर्चा संभाला हुआ है। सीएम ने पुरोहितों से संवाद करने की बात की है। पुरोहितों के भारी विरोध से भाजपा सरकार बैकफुट में आ सकती है। इसके लिए आने वाले दिनों में देवस्थानम बोर्ड को लेकर सरकार बड़ा फैसला ले सकती है। जो कि गैरसेंण में होने वाले शीतकाल सत्र में सरकार निर्णय ले सकती है। हालांकि भाजपा हाईकमान भी बोर्ड को लेकर गंभीरता से विचार कर रही है। लेकिन जल्दीबाजी में कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है। इधर विपक्ष कांग्रेस और आम आदमी पार्टी देवस्थानम बोर्ड को लेकर विरोध तेज कर चुके हैं। चुनाव में बोर्ड का मुद्दा दोनों दलों के लिए अहम मुद्दा रहेगा। भाजपा अगर चुनाव से पहले बोर्ड को लेकर फैसला नहीं लेगी तो चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोठियाल ने कहा कि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कैबिनेट मंत्रियों से फोन पर बातचीत हुई है। सरकार ने 30 नवंबर तक का समय मांगा है। स्थानीय पुरोहित आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications