Uttarakhand :दीपावली से पहले राज्य कर्मचारी बढ़ा सकते हैं धामी सरकार की मुश्किलें, 26 अक्टूबर से हड़ताल
राज्य कर्मचारियों ने आगामी 26 अक्टूबर से हड़ताल पर जाने का किया ऐलान
देहरादून, 23 अक्टूबर। उत्तराखंड में दीपावली से पहले राज्य कर्मचारियों ने सरकार की मुश्किलें बढ़ाने की तैयारी कर ली है। उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के आह्रवान पर कर्मचारी 18 सूत्रीय मांग को लेकर आगामी 26 अक्टूबर से हड़ताल पर जाने का ऐलान कर चुके हैं। जिससे एक बार फिर सीएम पुष्कर सिंह धामी के सामने बड़ा चेलेंज है। हालांकि पुलिसकर्मियों के ग्रेड पे के मामले में जिस तरह से सीएम ने बीच का फॉर्मूला निकाला, उससे एक बार फिर राज्य कर्मचारियों की उम्मीदें बंध गई है।

18 सूत्रीय मांगों को लेकर है आंदोलन
लंबे समय बाद प्रदेश के राज्य कर्मचारियों ने एक मंच बनाकर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन छेड़ा हुआ है। 18 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंड के कर्मचारियों, शिक्षकों और अधिकारियों ने साझा मंच का गठन किया है। उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के बैनर तले ही सिलसिलेवार आंदोलन किए जा रहे हैं। आंदोलन के तहत अभी तक गेट मीटिंग, जिला स्तरीय धरने, जिला स्तरीय रैली का आयोजन किया गया है। आंदोलन के चौथे चरण में छह अक्टूबर को देहरादून में प्रदेश स्तरीय हुंकार रैली निकाली गई। पहले शासन की वेतन विसंगति समिति की बैठक समिति के साथ 29 सितंबर को हुई थी। इसमें समिति के प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न समस्याओं को वेतन विसंगति समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह के समक्ष बिंदुवार रखा।
हड़ताल शुरू होने के बाद कैबिनेट प्रस्तावित
एक अक्टूबर को समन्वय समिति के प्रतिनिधिमंडल की अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के साथ सचिवालय में मांग पत्र पर विस्तार से वार्ता हुई। इस दौरान अपर मुख्य सचिव ने बिंदुवार चर्चा के दौरान ही कार्मिक विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान अपर सचिव ने आंदोलन स्थगित करने का अनुरोध किया था, लेकिन समन्वय समिति ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर समस्त प्रकरणों पर ठोस निर्णय लेने की मांग की। बैठक तय नहीं हुई और इस पर पांच अक्टूबर को हुंकार रैली निकाली गई । कर्मियों ने तय किया है कि 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। जिसके बाद अब समन्वय समिति ने हड़ताल को लेकर रणनीति तैयार कर ली है। इधर राज्य सरकार की 28 अक्टूबर को कैबिनेट बैठक होने जा रही है। ऐसे में कर्मचारियों के मुद्दे पर कैबिनेट में चर्चा होने की उम्मीद लगाई जा रही है।
आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने एक नवंबर से कार्यबहिष्कार का किया है ऐलान
500 रुपये वेतन बढ़ोतरी के सरकार के प्रस्ताव के विरोध में सभी आंगनबाड़ी संगठनों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। जिसको लेकर कार्यकर्ताओं ने सचिवालय कूच भी किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ऐलान किया है कि वेतन बढ़ोतरी सहित उनकी अन्य मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वह एक नवंबर से पूर्ण कार्यबहिष्कार करेंगी। इस तरह से सरकार की दीपावली से पहले राज्य कर्मचारी मुश्किल बढ़ाने का काम कर रहे हैं। हालांकि जिस तरह से धामी सरकार लगातार विवाद के मामलों को सुलझाने के लिए फॉर्मूला अपना रही है। उससे राज्य कर्मचारियों की बड़ी मांगों पर सरकार जल्द निर्णय ले सकती है। बीते दिनों सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पुलिसकर्मियों के ग्रेड पे मामले में सूझबूझ दिखाते हुए बीच का रास्ता निकालकर आंदोलन खत्म कराया। इसी तरह बिजली कर्मचारियों की हड़ताल भी रातों रात सरकार ने बातचीत से रुकवाई। अब माना जा रहा है कि राज्य कर्मचारियों की हड़ताल को भी सरकार अपने तरीके से हैंडिल करने की तैयारी कर रही है।












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