बागेश्वर उपचुनाव: भाजपा, कांग्रेस सेंधमारी में जुटे दोनों सियासी दल, जारी है दलबदल का खेल
बागेश्वर उपचुनाव को लेकर भाजपा, कांग्रेस आमने सामने हैं। ऐसे में दोनों सियासी दल एक दूसरे से हर दांव पहले चलने में लगे हैं।
बागेश्वर उपचुनाव को लेकर भाजपा, कांग्रेस आमने सामने हैं। ऐसे में दोनों सियासी दल एक दूसरे से हर दांव पहले चलने में लगे हैं। चुनाव के ऐलान से पहले ही बागेश्वर में चुनाव को लेकर सभी सियासी दल सक्रिय हो गए और दलबदल के खेल के लिए सियासी जमीन तलाशी जाने लगी।

सबसे पहले इसमें भाजपा ने बाजी मारी और कांग्रेस के पिछले चुनाव में प्रत्याशी रहे रणजीत दास ने भाजपा का दामन थामा। रणजीत दास के भाजपा ज्वाइन करने के पीछे की वजह ये मानी गई कि रणजीत दास को इस बात के संकेत मिलने शुरू हो गए कि कांग्रेस बंसत कुमार को आप पार्टी से कांग्रेस में लेकर आ रही है। इसके बाद रणजीत दास ने तुरंत भाजपा का दामन थाम लिया। रणजीत दास ने भाजपा ज्वाइन कर कहा कि आत्म सम्मान से बड़ा कुछ भी नहीं। इस वजह से वे भाजपा की प्रत्याशी पार्वती दास के लिए प्रचार प्रसार में जुट गए।
इसके बाद कांग्रेस ने बसंत कुमार को कांग्रेस ज्वाइन कराई और टिकट भी दे दिया। बसंत कुमार बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं और अब कांग्रेस के पाले में पहुंच गए हैं। इस तरह बागेश्वर उपचुनाव में टिकट बंटवारे से पहले दो बड़े चेहरे दलबदल कर भाजपा, कांग्रेस के पाले में पहुंच गए। इसके बाद भी दलबदल का खेल जारी है। भाजपा ने कांग्रेस को एक ओर झटका देते हुए पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री सुरेश आर्य की भाजपा में वापसी कराई है। सुरेश आर्य दो बार विधायक और एक बार मंत्री रहे।
सुरेश आर्य दलित चेहरे के बड़े नेता हैं।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री सुरेश आर्य को भाजपा की सदस्यता दिलाई। सुरेश आर्य 1984 से 1989 तक पहली बार उत्तर प्रदेश की खटीमा विधानसभा से विधायक चुने गए। 1996 में दूसरी बार भाजपा के प्रत्याशी रहे और कांग्रेस के प्रत्याशी यशपाल आर्य को हराकर दोबारा विधायक चुने गए।
सुरेश आर्य उत्तराखंड की प्रथम अंतरिम सरकार में मंत्री रहे। आर्य की धर्मपत्नी बीना आर्य नैनीताल जिला पंचायत की अध्यक्ष भी रही हैं। इसके बाद बागेश्वर से पूर्व भाजपा विधायक उमेद सिंह माजिला ने भी कांग्रेस का दामन थामा और उपचुनाव से पहले दलबदल किया। इस तरह से बागेश्वर उपचुनाव में भी दलबदल का खेल जमकर खेला जा रहा है।












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