उत्तराखंड के सरकारी और निजी प्रत्येक स्कूलों में मनाया जाएगा बस्ता मुक्त दिवस, जानिए कब और क्या है उद्देश्य
Bag free day उत्तराखंड के स्कूलों में महीने के अंतिम शनिवार को बस्ता मुक्त दिवस मनाया जाएगा। जो कि सरकारी और निजी हर तरह के स्कूलों में लागू रहेगा। इस दिन किसी भी बच्चे के कंधे पर बैग नहीं होगा। शिक्षा विभाग ने इस आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
इसके लिए सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं। इस दिन बच्चे दूसरी एक्टिविटी और खेल कूद करेंगे। देहरादून में भी शनिवार को सभी स्कूलों ने बच्चों को बैगलेस बुलाया है। साथ ही स्कूलों में पढ़ाई के अलावा दूसरी एक्टिविटी करने का निर्णय लिया गया है। जिससे बच्चे हंसते खेलते स्कूल में हर तरह की एक्टिविटी में भाग लें।

प्रदेश के सरकारी और निजी सभी स्कूलों में महीने के अंतिम शनिवार को बस्ते की छुट्टी रहेगी। उत्तराखंड बोर्ड के स्कूल से लेकर सीबीएसई, आईसीएससी, संस्कृत और भारतीय शिक्षा परिषद के स्कूल सभी में बस्ता मुक्त दिवस मनाया जाएगा। बच्चों के कंधों पर बस्ते नहीं होंगे। सरकार ने हर महीने के अंतिम शनिवार को बस्ता मुक्त दिवस मनाने का निर्णय लिया है।
शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने बताया कि इसी शनिवार 26 अप्रैल से इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। कार्यशाला में शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने बस्ता रहित दिवस की शुरुआत की और गतिविधि पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ ही खेल, व्यावसायिक शिक्षा, कृषि, चित्रकला सहित विभिन्न गतिविधियों में दक्ष बनाया जाना है। इसके लिए सभी स्कूलों में बच्चे महीने में एक दिन बिना बस्ते के आएंगे। विदेशों में बच्चे खुशनुमा माहौल में पढ़ते हैं। उनके लिए इसी तरह का माहौल होना चाहिए।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस योजना की घोषणा करते हुए बताया कि यह व्यवस्था इस माह के अंतिम शनिवार से ही लागू कर दी जाएगी। इसका सीधा लाभ छात्रों को मिलेगा, क्योंकि इस दिन वे बिना किसी किताबों के बोझ के स्कूल आएंगे और पूरी तरह से व्यावसायिक, रचनात्मक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों में भाग लेंगे।












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