चुनावी साल में गर्माया एक और मुद्दा, केंद्र और उत्तराखंड में नाम बदलने को लेकर हो सकता है विवाद!
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने जिम कार्बेट राष्ट्रीय पार्क' का नाम बदलकर 'रामगंगा राष्ट्रीय पार्क' करने के दिए संकेत
देहरादून, 8 अक्टूबर। उत्तराखंड में एक बार फिर राज्य सरकार के सामने चुनावी साल में नया विवाद खड़ा हो सकता है। इस विवाद में केन्द्र और राज्य सरकार आमने सामने आ सकती है। केन्द्र सरकार जिम कार्बेट राष्ट्रीय पार्क' का नाम बदलकर भविष्य में 'रामगंगा राष्ट्रीय पार्क' करने के संकेत दे चुकी है। जबकि राज्य सरकार की और से इस प्रकार के किसी प्रस्ताव को लेकर इनकार किया जा रहा है। साफ है कि आने वाले दिनों में ये विवाद केन्द्र और राज्य के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री ने दिए हैं संकेत
करीब 521 किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले भारत के पहले राष्ट्रीय पार्क का नाम बदलने के संकेत केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने दिए हैं। हाल ही में कार्बेट दौर पर एक संग्रहालय की विजिटर बुक में मंत्री ने इसका उल्लेख भी किया है। मीडिया में आई खबरों की मानें तो अपने दौरे के दौरान मंत्री ने विजिटर बुक में लिखा कि जिम कार्बेट राष्ट्रीय पार्क का नाम बदलकर रामगंगा राष्ट्रीय पार्क कर देना चाहिए। 3 अक्टूबर को केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री अश्विनी चौबे ने जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का दौरा किया था। इस दौरान अश्विनी चौबे ने नेशनल पार्क का नाम बदलकर रामगंगा राष्ट्रीय उद्यान करने का ऐलान किया। केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान कॉर्बेट नेशन पार्क का भ्रमण किया और धनगढ़ी स्थिति म्यूजियम में रखे गए विजिटर बुक में भी उनके संदेश में पार्क का नाम उन्होंने रामगंगा नेशनल पार्क ही लिखा है। मंत्री अश्विनी चौबे आजादी के अमृत महोत्सव के कार्यक्रम के दौरान बाघों को संरक्षण के लिए निकाली गई रैली के समापन के मौके पर पहुंचे थे।
हरक सिंह बोले, नहीं है कोई प्रस्ताव
मीडिया में आई खबरों को लेकर उत्तराखंड के वन एवं पर्यावरण मंत्री हरक सिंह ने इस तरह के किसी प्रस्ताव के संज्ञान में न होने का दावा किया है। हरक सिंह का कहना है कि न इस तरह का कोई प्रस्ताव है और नहीं राज्य सरकार इस तरह के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। बता दें कि हरक सिंह अपने विभागीय फैसलों को लेकर हमेशा अपनी कार्यशैली के हिसाब से काम करते हैं। इस बार भी नाम बदलने को लेकर हरक सिंह अपनी ही सरकार के विरोध में मोर्चा खोलने के मूड में हैं। जिससे आने वाले दिनों में हरक और सरकार के बीच तलवारें खिंच सकती हैं। हरक अपने कामकाज के तरीके को लेकर लगातार हाईकमान और संगठन की नजरों में रहते हैं। ऐसे में इस बार नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद पार्टी के अंंदर सियासत गर्मा सकता हैा
तीसरी बार नाम बदलने की तैयारी
वर्ष 1936 में इस पार्क की स्थापना के समय इस पार्क का नाम हेली नेशनल पार्क रखा गया था। यह संयुक्त प्रांत के गवर्नर मैल्कम हेली के नाम पर था। आजादी के बाद इस पार्क का नाम बदलकर रामगंगा नेशनल पार्क रख दिया गया। जिम कॉर्बेट की मौत के 2 साल बाद साल 1957 में इस पार्क का नाम जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क कर दिया गया था। जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय पार्क है और 1936 में बंगाल बाघ की रक्षा के लिए हैंली नेशनल पार्क के रूप में स्थापित किया गया था। यह उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले के रामनगर नगर के पास स्थित है।












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