Angel Chakma त्रिपुरा के छात्र की हत्या में एसआईटी करेगी जांच, SSP ने घटना की रात को लेकर क्या किया खुलासा
Angel Chakma देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के केस की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही फरार आरोपी पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस ने इस प्रकरण में अब तक नस्लीभेदी टिप्पणी से भी इनकार कर दिया है।
त्रिपुरा छात्र एंजेल चकमा की हत्या की जांच के लिए एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) की गठन किया गया है। इसके अलावा फरार छठे आरोपी की तलाश भी तेज कर दी गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए घोषित की गई इनाम की रकम भी 25 हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए कर दी गई है।

एसएसपी अजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मुकदमे की तथ्यपरक और गुणवत्ता विवेचना के लिए एसपी देहात विकासनगर के पर्यवेक्षण में एसआईटी का गठन किया गया। साथ ही इस मामले में एक टीम भी बनाई गई है, जो वारदात स्थल पर जाकर सीसीटीवी फुटेज के साथ ही अन्य सभी पहलुओं की जांच करेगी।
फरार आरोपी के बारे में पुलिस को इनपुट मिला है कि आरोपी नेपाल के बॉर्डर पर छुपा हुआ है, जिसे पुलिस जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। पुलिस ने एंजेल चकमा की हत्या के मामले में 6 लोगों को आरोपी बनाया है, जिसमें से दो नाबालिग है। छह में से पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
गिरफ्तार आोरपियों में तीन को जेल भेजा गया है, जबकि दो नाबालिग आरोपियों को बाल सुरक्षा गृह और एक आरोपी फरार है, जो नेपाली मूल है। उसके खिलाफ एक लाख का ईनाम घोषित किया गया है। देहरादून पुलिस ने बताया कि 9 दिसंबर शाम को सभी आरोपी जन्मदिन की पार्टी को लेकर इकट्ठा हुए थे, जहां एंजेल चकमा और उसका भाई पहले से ही मौजूद थे।
आरोपी और पीड़ित पक्ष भी एक दूसरे को नहीं जानते थे। पुलिस का कहना है कि सभी 6 आरोपी आपस में मजाक कर रहे थे। वहीं आरोपियों के पास वाइन शॉप पर खड़े एंजेल चकमा और उसके भाई को लगा कि आरोपी उन पर कमेंट कर रहे है। इन वजह से दोनों पक्षों के बीच बहस हुई और बात हाथापाई तक पहुंच गई।
पुलिस के अनुसार इस मारपीट में एक नाबालिग आरोपी ने एंजेल चकमा और उसके भाई पर कड़े से वार किया, जबकि दूसरे आरोपी ने पास खड़ी अंडे की ठेली से चाकू उठाकर एंजेल चकमा को घोंप दिया। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घायल अवस्था में पड़े एंजेल चकमा को उसका छोटा भाई ई-रिक्शा से हॉस्पिटल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए भर्ती कर दिया।
एंजेल चकमा का दो हफ्तों से ज्यादा तक ग्राफिक ऐरा हॉस्पिटल में उपचार चला और 26 दिसंबर सुबह को एंजेल चकमा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनसे यह घटना कंफ्यूजन और आवेश में आकर हुई। पीड़ित की तरफ से जो तहरीर दी गई थी, उसमें कही भी नस्लीभेदी टिप्पणी के बारे में नहीं लिखा गया है। सिर्फ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग होने की बात लिखी गई है। जो आरोपी गिरफ्तार हुए है, उनमें से एक आरोपी खुद मणिपुर की Scheduled Tribe से है। वहीं एक अन्य आरोपी भी उत्तराखंड Scheduled Tribe से है। इसीलिए नस्लीभेदी टिप्पणी और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल की बात अभी तक उनकी जांच में सामने नहीं आई है।












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