पीएम मोदी के सिक्सर के बाद अब सीएम धामी के किस फैसले से पलट सकती है उत्तराखंड में चुनावी बाजी, जानिए

देवस्थानम बोर्ड के मुद्दे पर राज्य सरकार के फैसले का भी तीर्थ पुरोहितों को इंतजार, गैरसेंण में हो सकता है बडा फैसला

देहरादून, 19 नवंबर। चुनावी साल में पीएम मोदी के कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले को भाजपा के बड़े चुनावी दांव से जोड़ा जा रहा है। लेकिन उत्तराखंड में अब देवस्थानम बोर्ड के मुद्दे पर राज्य सरकार के फैसले का भी तीर्थ पुरोहितों को इंतजार है। देवस्थानम बोर्ड को लेकर अगर धामी सरकार बैकफुट पर आई तो चुनावी साल में भाजपा का एक और मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है। जिसको लेकर अब भाजपा।रणनीति बनाने में जुटी है। सूत्रों की मानें तो भाजपा जल्द ही देवस्थानम बोर्ड को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। जो कि गैरसेंण में होने वाले सत्र में ही लिया जा सकता है।

आंदोलनरत हैं तीर्थ पुरोहित

आंदोलनरत हैं तीर्थ पुरोहित

उत्तराखंड के चार धामों गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ से ही तीर्थ पुरोहितों की रोजी रोटी चलती है। इतना ही नहीं स्थानीय लोगों का रोजगार भी यात्रा से जुड़ा रहता है। लेकिन जब से राज्य सरकार ने देवस्थानम बोर्ड बनाया है। तीर्थ पुरोहित और स्थानीय लोग राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। चार धाम उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में आते हैं। जो कि 10 से ज्यादा सीटों को प्रभावित भी करती है। इससे राज्य सरकार के लिए देवस्थानम बोर्ड चुनाव में बड़ा मुद्दा बना हुआ है।

चुनावी मुद्दा बना है देवस्थानम

चुनावी मुद्दा बना है देवस्थानम

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भी देवस्थानम बोर्ड के मुद्दे को चुनावी हथियार बना चुकी है। ऐसे में आचार संहिता लगने से पहले अगर राज्य सरकार ने देवस्थानम बोर्ड को लेकर बड़ा फैसला न लिया तो राज्य सरकार की मुश्किल बढ़ सकती है। देवस्थानम बोर्ड को लेकर भाजपा को तीर्थ पुरोहितों की नाराजगी का पुरजोर विरोध सहना पड़ा है। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को केदारनाथ में पुरोहितों ने दर्शन ही करने ​नहीं दिया। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है। कि तीर्थ पुरोहितों में भाजपा के खिलाफ कितना आक्रोश है।उत्‍तराखंड के वरिष्‍ठ पत्रकार जय सिंह रावत भी मानते हैं कि राज्य सरकार चुनाव में जाने से पहले देवस्थानम बोर्ड के मुद्दे को सुलझाना चाहेगी। इसके लिए बोर्ड के फैसले को वापस लेने के अलावा कोई दूसरा विकल्प न​हीं बन जाता है। हालांकि ये निर्णय धामी सरकार को ही लेना है।

देवस्थानम बोर्ड में अब तक क्या हुआ

देवस्थानम बोर्ड में अब तक क्या हुआ

चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री के साथ ही इनसे जुड़े 46 मंदिरों की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से त्रिवेंद्र सरकार ने चारधाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम पारित कराया। इसके तहत चारधाम व उनसे जुड़े मंदिरों के अलावा पांच अन्य मंदिर इसमें शामिल किए गए। इन सभी 51 मंदिरों की व्यवस्था के लिए अधिनियम के तहत चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड बनाया गया। नवंबर, 2019 में तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कैबिनेट बैठक में चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड अधिनियम गठन को मंजूरी दी थी। 10 दिसंबर को विधानसभा के पटल से पारित भी हो गया था और 15 जनवरी, 2020 को राजभवन से गजट नोटिफिकेशन हो गया था। बोर्ड में अध्यक्ष मुख्यमंत्री और उपाध्यक्ष धर्मस्व व संस्कृति मंत्री को बनाया गया था। तीर्थ पुरोहितों ने पहले ही दिन से इसका विरोध शुरू कर दिया था। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका तक दायर की, लेकिन उनके पक्ष में फैसला नहीं आया। इसके बाद से चारधाम के तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारी नाराज चल रहे हैं। और लगातार आंदोलन कर रहे हैं। चारधाम के तीर्थ पुरोहित लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह अधिनियम और बोर्ड उनके हितों पर कुठाराघात है। इस संबंध में तीर्थ पुरोहितों व हक-हकूकधारियों से राय तक लेना उचित नहीं समझा गया। पुरोहितों की नाराजगी को देखते हुए 10 मार्च, 2021 को मुख्यमंत्री बनते ही तीरथ रावत ने अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में बोर्ड के वजूद को लेकर पुनर्विचार का वादा किया था। उन्होंने इसकी स्टडी भी शुरू करा दी थी लेकिन 2 जुलाई को उनको हटना पड़ा। इसके बाद पुष्कर सिंह धामी सीएम बनें। धामी ने देवस्थानम बोर्ड को लेकर उच्च स्तरीय समिति गठित की। जिसके अध्यक्ष मनोहर कांत ध्यानी को बनाया गया। ध्यानी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अंतरिम रिपोर्ट भी सौंप दी। अब सीएम ने 30 नवंबर तक का समय मांगा गया है। उम्मीद लगाई जा रही है गैरसेंण में आयोजित होने वाले सत्र में सरकार रिपोर्ट को आधार बनाकर बड़ा फैसला ले सकती है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+