सांप के जहर पर Elvish Yadav की सफाई, मेनका गांधी के दखल के बाद... 3 राज्यों में दौड़ी Noida पुलिस
मेनका गांधी की संस्था पीपल फॉर एनिमल (PFA) की शिकायत पर पुलिस, ड्रग्स डिपार्टमेंट और वन विभाग द्वारा बिछाए गए जाल में नोएडा के 5 तस्कर फंस गए हैं। उनके पास से 20 मिलीलीटर जहर और नौ जिंदा सांप बरामद किए गए, जिसका इस्तेमाल रेव पार्टियों में नशे के लिए किया जाता था। पूछताछ में आरोपियों ने चर्चित यूट्यूबर एल्विश यादव का नाम लिया है। जिसके बाद एल्विश यादव समेत 6 के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
ऐसे बिछाया गया जाल
सबसे पहले आपको बताते हैं कि किस तरह यह पूरा जाल बिछाया गया और कैसे इस मामले में एल्विश यादव का नाम आया है। दरअसल, PFA में एनिमल वेलफेयर ऑफिसर के पद पर कार्यरत गौरव गुप्ता ने एफआईआर कराई कि यूट्यूबर एल्विश यादव अन्य सदस्यों के साथ मिलकर स्नेक वेनम और जिंदा सांपों के साथ वीडियो शूट कराते हैं और गैर कानूनी रूप से रेव पार्टियों को अंजाम देते हैं।

इन रेव पार्टियों में विदेशी युवतियों बुलाई जाती हैं और स्नेक वैनम व नशीले पदार्थों का सेवन किया जाता है। इसी बीच इनके एक मुखबिर ने एल्विश यादव से संपर्क साधा और रेव पार्टी के आयोजन और स्नेक वेनम के बारे में बात की। मुखबिर के अनुसार, एल्विश ने राहुल नाम के एक एजेंट का नंबर दिया।
इसके बाद मुखबिर ने राहुल से संपर्क करके पार्टी आयोजित करने के लिए बुलाया। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों और पुलिस को दी। फिर योजना के मुताबिक 2 नवंबर को आरोपी नोएडा के सेक्टर 49 इलाके में सेवरोन बैंक्वेट हॉल में सांप लेकर पहुंच गए। इसी दौरान वन विभाग की टीम ने पुलिस की मदद से 5 आरोपियों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार लोगों से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसमें उन्होंने एल्विश यादव का नाम लिया। आरोपियों ने पूछताछ मे बताया कि एल्विश यादव की पार्टी में सांप की सप्लाई किया करते थे। जिसके बाद पुलिस ने एल्विश के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली। आपको बता दें कि यह मामला वन्य जीव संरक्षण से जुड़ा हुआ है।
कौन-कौनसे सांप हुए बरामद
अब आपको बताते हैं कि गिरफ्तार तस्करों के पास से क्या-क्या बरामद हुआ है और किन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 20 मिलीलीटर जहर और नौ जिंदा सांप बरामद किए गए हैं। इन सांपों में पांच कोबरा, दो दुमुंही, एक अजगर और एक रेट स्नेक (घोड़ा पछाड़) शामिल है। बताया जा रहा है कि इन सांपों के जहर का इस्तेमाल पार्टी में किया जाता था।
क्या-क्या लगी हैं धाराएं
एल्विश यादव के अलावा अन्य आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं और आईपीसी की धारा-120बी के तहत केस दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में जो धाराएं लगाई गईं हैं वो गैर जमानती हैं। ऐसे में बताया जा रहा है कि एल्विश के खिलाफ अगर पुख्ता सबूत पाए गए तो उनकी गिरफ्तारी तय है।
मेनका गाँधी ने क्या कहा .
उधर इस मामले पर सुलतानपुर से सांसद और पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी ने एल्विश यादव को किंगपिन यानी गिरोह का सरगना बताया है। मेनका गाँधी ने कहा है कि एल्विश यादव की गिरफ़्तारी होनी चाहिए। आपको बता दें कि मेनका गाँधी पशुओं के अधिकारों को लेकर बेहद गंभीर मानी जाती हैं और मामले की तह तक जाकर कार्रवाई करवाने में पुरजोर लगा देती हैं। ऐसे में एल्विश यादव के लिए मुसीबतें बढ़ना तय हैं।
एल्विश यादव की सफाई
वहीं एल्विश यादव ने वीडियो पोस्ट करते हुए अपनी सफाई दी है। उनका का कहना है कि "मैं सुबह उठा. मैंने मीडिया में न्यूज देखी कि एल्विश यादव नशीले पदार्थ के बिजनेस में शामिल हैं. वो अरेस्ट हो गए हैं. मैं बता दूं कि मेरे खिलाफ जितने भी चीजें चल रही हैं. वो फेक हैं।" लेकिन सूत्रों के मुताबिक नोएडा पुलिस की कई टीमें इस मामले में छापामारी करने तीन राज्यों में रवाना हो गई है। देखें एल्विश यादव ने क्या कहा-:












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