लंच के नाम पर दफ्तरों से गायब रहने वाले कर्मचारियों की अब खैर नहीं, जानिए क्यों मचा हड़कम्प
लखनऊ, 12 अप्रैल: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ अब अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन मूड में हैं। कुछ दिनों पहले अधिकारियों पर गाज गिराने वाले सीएम ने अब अपने एक आदेश से पूरी ब्यूरोक्रेसी और कर्मचारियों के बीच हड़कम्प मचा दिया है। दरअसल योगी ने अब यह फरमान जारी किया है कि कोई भी कर्मचारी या अधिकारी लंच के नाम पर आधे घंटे से ज्यादा समय तक कार्यालय से गायब नहीं रह सकता है। यदि कोई कर्मचारी और अधिकारी ऐसा करता पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा आदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी कर्मचारियों को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। सीए योगी ने आदेश दिया है कि अब सरकारी दफ्तरों में लंच का समय आधे घंटे से ज्यादा नहीं हो सके। दरअसल, सरकार को यह शिकायत मिल रही थी कि सरकारी दफ्तरों में कर्मचारी लंच के नाम पर घंटों अपनी कुर्सियों से गायब रहते हैं। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कर्मचारियों की लापरवाही पर अंकुश लगाने के लिए लंच का समय निर्धारित कर दिया है। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यानी मंगलवार को टीम-9 के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में सरकारी कर्मचारियों के लिए लंच की समय सीमा तय की गई।

टीम 9 की बैठक में योगी ने दिए दिशा निर्देश
प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक उम्र के हर नागरिक को टीका लग चुका है। 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को बूस्टर डोज दिए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रदेश में लगभग 700 निजी टीकाकरण केंद्रों पर बूस्टर डोज लगाए जा रहे हैं। सभी पात्र जन बूस्टर डोज अवश्य लगवाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी नियत शुल्क से अधिक की वसूली न हो। 85% से अधिक पात्र वयस्क टीके की दोनों डोज ले चुके हैं। 15-17 आयु वर्ग के लगभग 93℅ किशोरों ने टीका कवर प्राप्त कर लिया है और 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों में से 25 लाख बच्चों को टीकाकवर मिल चुका है। इसे सतत जारी रखा जाए। 12-14 आयु वर्ग का टीकाकरण तेज किया जाए।

MLC चुनाव में मिली जीत से गदगद है बीजेपी
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में भी बीजेपी ने एक बार फिर जीत का परचम लहराया है। यूपी विधान परिषद के स्थानीय प्राधिकार क्षेत्र की 36 में से 33 सीटों पर बीजेपी का कब्जा है। प्रचंड जीत के साथ अब यूपी विधान परिषद में भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है। वहीं, समाजवादी पार्टी स्पष्ट हो गई है। इसके अलावा तीन निर्दलीय भी जीते हैं। यूपी एमएलसी की 36 सीटों में से 9 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। हालांकि जिन तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं उसमें भी बीजेपी का अंदरखाने काफी योगदान रहा है। यूं कहें कि जिन सीटों पर बीजेपी हारी है वहां एक तरह से डमी उम्मीदवार उतारे गए थे।

विधानसभ चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया
उत्तर प्रदेश में हाल ही संपन्न हुए विधानसभ चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है. जिसके बाद योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। बीजेपी ने 403 सीटों वाली यूपी विधानसभा में 255 सीटें जीती हैं। जबकि प्रदेश में मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी को कुल 111 सीटों पर ही संतोष करना है। मुख्यमंत्री बनते ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने अवैध निर्माणों पर फिर से कार्रवाई शुरू कर दी है। गुंडे मवालियों द्वारा किए गए अवैध कब्जों व निर्माण पर बुल्डोजर चलाया जा रहा है।












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