योगी मंत्रिमंडल में महिला व युवा चेहरों को मिलेगी तरजीह, जानिए किन नौकरशाहों को मिल सकता है मौका
लखनऊ, 17 मार्च: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव सम्पन्न होने के बाद अब योगी के नए मंत्रिमंडल को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। बीजेपी के नेताओं व सरकार से जुड़े सूत्रों की माने तो मिशन 2024 को ध्यान में रखते हुए एक तरफ जहां जातीय गुलदस्ता बनाने की कवायद शुरू हो गई है वहीं दूसरी ओर पहली बार चुनाव जीतकर आए युवा चेहरों के साथ ही महिला चेहरों को भी तरजीह दी जाएगी। सूत्रें की माने तो नेताओं के साथ ही इस बार बीजेपी अधिकारियों पर भी फोकस कर सकती है क्योंकि कई सारे ऐसे चेहरे हैं जो या तो एमएलसी हैं या चुनाव जीतकर आए हैं। सूत्रों की माने तो जिस तरह से केंद्र में मोदी सरकार में नौकरशाहों को जगह मिली है उसी तरह का कुछ प्रयोग यहां भी हो सकता है।

योगी की सरकार में चेहरों को लेकर अटकलें
केंद्र में मोदी कैबिनेट की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की नई सरकार बनने की संभावना है। सरकार से जुड़े अधिकारियों की माने तो नए मंत्रिमंडल में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले नौकरशाह और अधिक महिला मंत्री शामिल होंगे। भारतीय जनता पार्टी ने विधायक दल के नेता के चुनाव की निगरानी के लिए गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुबर दास को नियुक्त किया है। योगी आदित्यनाथ के लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुने जाने वाले यूपी के पहले मुख्यमंत्री बनने के साथ, अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उनकी डबल इंजन सरकार 2.0 में कौन होगा।

मोदी की तरह ही योगी मंत्रिमंडल मेंभी दिखेंगे नौकरशाह
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल में पूर्व नौकरशाहों में से हैं। कुछ नौकरशाहों के टीम योगी 2.0 में भी शामिल होने की अटकलें तेज हैं। इनमें कन्नौज सदर से तीन बार के समाजवादी पार्टी के विधायक अनिल कुमार डोहरे को हराने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण भी शामिल हैं। कानपुर के पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी ने जनवरी में सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी और भाजपा में शामिल हो गए थे।

एके शर्मा, राजेश्वर सिंह और असीम अरुण पर निगाहें
पूर्व आईएएस अधिकारी से एमएलसी बने एके शर्मा योगी कैबिनेट में संभावित मंत्रियों में शामिल हैं। पीएम मोदी के सचिव के रूप में कार्य करने के बाद, जब बाद में गुजरात के मुख्यमंत्री थे, शर्मा को पिछले साल यूपी भाजपा का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह का भी नाम चर्चा में है। पूर्व जांच एजेंसी अधिकारी, जिन्होंने 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले, 2010 राष्ट्रमंडल खेल मामले जैसे हाई प्रोफाइल मामलों की जांच का नेतृत्व किया, ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अभिषेक मिश्रा को हराकर लखनऊ की सरोजिनी नगर सीट जीती।

नारी शक्ति को भी मंत्रिमंडल में मिलेगी तरजीह
योगी आदित्यनाथ के नए मंत्रिमंडल को इस बार और अधिक महिला मंत्रियों द्वारा बल दिए जाने की उम्मीद है। भाजपा का मानना है कि देश भर के चुनावों में उसकी सफलता में महिला मतदाताओं की अहम भूमिका रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव की बड़ी लड़ाई पर अपनी निगाहें जमाते हुए, महिला मंत्रियों की संख्या मौजूदा चार से बढ़ने की संभावना है। नए मंत्रिमंडल में राज्य के लिए बड़े नीतिगत फैसले लेने वाले नए चेहरे होने की संभावना है। अमित अग्रवाल, बेबी रानी मौर्य, अंजुला महौर, राजेश त्रिपाठी, कृष्णा पासवान भाजपा के विधायक हैं जो जगह बना सके। निषाद पार्टी के प्रमुख डॉ संजय निषाद और आशीष सिंह पटेल जैसे सहयोगी दलों के विजयी उम्मीदवारों को मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है।

नॉन परफार्मर मंत्रियों की होगी छुट्टी, स्वतंत्रदेव का बढ़ सकता है कद
सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट का गठन 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया जाएगा। संभावना है कि कैबिनेट में अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के और विधायक शामिल होंगे। सूत्रों ने बताया कि बीजेपी नए कैबिनेट में जाति और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के बीच संतुलन बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं को राज्य मंत्रिमंडल में भी अधिक प्रतिनिधित्व मिल सकता है। सूत्रों ने कहा कि भाजपा सरकार 'नॉन परफार्मर'मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल करने से बचेगी। साथ ही पार्टी नेता सुरेश खन्ना के विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने की अच्छी संभावनाएं हैं जबकि उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का कद बढ़ने की संभावना है।












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