पति को तलाक दिए बिना 'उसके' साथ रहना चाहती थी दो बच्चों की मां, HC ने नहीं दी अनुमति
लखनऊ। दो बच्चों की 34 वर्षीय मां बिना तलाक लिए पति को छोड़कर दूसरे के साथ रहना चाहती थी और उसने इसके लिए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। लेकिन कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है। आदेश पारित करते हुए कोर्ट ने कहा है कि केस के तथ्य एवं परिस्थितियों को देखते हुए उसे इस केस में किसी तरह के निर्देश जारी करने की आवश्यक्ता प्रतीत नहीं होती है। जस्टिस अजय लांगा व जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की बेंच ने गायत्री उर्फ संगीता की याचिका खारिज कर दी है।

संगीता ने इस याचिका में दूसरे व्यक्ति हीरालाल उर्फ झुर्रा को भी याची बनाया था जिसके साथ वह वर्तमान में रह रहा है। अपनी याचिका में संगीता ने आरोप लगाया कि करीब 10 साल पहले उसकी शादी सीताराम से हुई थी । उससे उसे 7 और 3 साल की दो बेटियां हैं। उका मायका बिहार में है लिहाजा मायके से कोई उसे देखने नहीं आ पाता। संगीता ने बताया कि 20 जुलाई 2018 को उसके पति ने उसे पीटकर घर से निकाल दिया।
उसके बाद वो उसी गांव के 45 वर्षीय हीरालाल उर्फ झुर्रा के साथ अपनी मर्जी से रह रही है और उसी के साथ अपना जीवन सुरक्षित महसूस करती है। संगीता ने कोर्ट को बताया कि वो हमेशा हीरालाल के साथ ही रहना चाहती है। >याचिका का विराध करते हुए अपर शासकीय अधिवक्ता रवि सिंह सिसोदिया ने तर्क दिया कि पति ने हीरालाल के खिलाफ बहराइच की कोतवाली देहात पर 25 जुलाई 2018 को आईपीसी की धारा 498 के तहत एनसीआर दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया कि हीरालाल उसकी पत्नी को भगाकर ले गया है। उनका कहना था कि एनसीआर पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।












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