पति ने भाई से कराया था बलात्कार, तंग आकर पति को दिया तीन तलाक
रोज-रोज की यातना से तंग आकर एक मुस्लिम महिला ने अपने पति को तलाक दे दिया। पति के शह पर देवर ने महिला के साथ रेप किया था।
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में पति और देवर की ज्यादती से तंग आकर एक दिव्यांग मुस्लिम महिला ने अपने शौहर को ही तीन तलाक दे दिया है। पीड़िता के साथ उसके पति की शह पर देवर ने बलात्कार भी किया था जिसकी उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नही की है। रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग होकर पीड़िता ने सोमवार को शौहर को तीन तलाक कह दिया और अब रेप मामले में कार्रवाई के लिए आईजी मेरठ की चौखट पर गुहार लगाने पहुंची है।

दहेज के लिए प्रताड़ना और मारपीट
मेरठ के खरखौदा इलाके की रहने वाली दो बहनों की शादी 28 मार्च 2012 को दो सगे भाइयों के साथ हुई थी लेकिन शादी के बाद से इनको दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। 5 साल में तीन बार दहेज प्रताड़ना और कोर्ट-कचहरी के बाद सामाजिक समझौते के जरिये इनके शौहर इन्हें वापस अपने साथ ले गए। लेकिन आठ महीने पहले छोटी बहन की पिटाई के बाद उसके शौहर ने उसे तलाक दे दिया। अपने देवर की इस हरकत का बड़ी बहन ने विरोध किया तो उसके शौहर ने उसकी बुरी तरह से पिटाई की। इतना ही नहीं शौहर की शह पर इस दिव्यांग महिला के साथ उसके छोटे देवर ने बलात्कार भी किया। इस दौरान उसके साथ हुई पिटाई में गर्भपात भी हो गया था।

पति, रेपिस्ट देवर के खिलाफ पुलिस में दर्ज कराया केस
बलात्कार पीड़ित दिव्यांग महिला ने रेप के आरोपी देवर, पति और ससुरालवालों की ज्यादती के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नही की। पुलिस उलटे पीड़िता पर समझौते का दबाव बनाने लगी। पुलिस के उत्पीड़न और पति की प्रताड़ना से तंग आकर दिव्यांग महिला ने अपने पति को तीन तलाक दे दिया है।

सगी बहनों का हुआ था सगे भाइयों से निकाह
मेरठ के नरहाड़ा गांव की रहने वाली 2 सगी बहनों की शादी लठपुरा निवासी दो भाइयों शाबिर और शाकिर से 2012 में हुई थी। महिला का आरोप है, दोनों भाई दहेज के लिए हमें परेशान करते थे। 5 साल के दौरान 3 बार दोनों पक्षों में समझौता भी हुआ था।
बड़ी बहन का आरोप है, ''उसके पति के छोटे भाई ने दहेज के लिए अपनी पत्नी को पीटा और तलाक दे दिया। मेरे विरोध करने पर उसके पति ने मुझे भी पीटा। पति के कहने पर देवर ने मेरे साथ रेप किया और ससुरालवालों ने जलाकर मारने की कोशिश की। केस दर्ज कराने के बावजूद पुलिस की तरफ से कोई एक्शन नहीं लिया गया।''
उसका मानना है कि अगर पति को ट्रिपल तलाक का हक हासिल है तो उसे क्यों नहीं? लोकतन्त्र और समाज में औरतों की हिस्सेदारी मर्दों से कम नही है। उसे भी अपने पति से रिश्ते खत्म करने का अधिकार है। अब दोनों बहनों ने अपने परिजनों के साथ आईजी मेरठ जोन अजय आनंद से मिली और पुलिस के कारनामें उनके सामने रखे। पीड़ितों ने आईजी से इंसाफ की फरियाद की है.












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