YouTuber Saleem Wastik कौन हैं? इस्लामिक कुरीतियों पर बोलने वाले एक्स-मुस्लिम का रेता गला-पेट में गोदा चाकू
Ghaziabad YouTuber Saleem Wastik Attack Reason : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में रमजान के पाक महीने में एक खौफनाक घटना हुई, जिसने सभी को दहला दिया। एक चर्चित एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सलीम वारसी उर्फ सलीम अहमद वास्तिक (50 वर्ष उम्र) की दफ्तर में घुसकर गला रेता गया।
इतना ही नहीं, हमलावरों ने सलीम के पेट में चाकू से कई बार गोदा। हमले के बाद आरोपी फरार हो गए। इलाके में सनसनी फैल गई। सलीम की हालत गंभीर है। अब सवाल उठता है कि कौन हैं सलीम ? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला ? सलीम को क्यो कहते थे एक्स मुस्लिम? आइए जानते हैं...

पहले जानते हैं पूरा मंजर, क्या हुआ हमला?
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी थाना क्षेत्र में अली गार्डन कॉलोनी (कुछ रिपोर्ट्स में अशोक विहार) स्थित सलीम के घरेलू दफ्तर में 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को सुबह करीब 50 वर्षीय सलीम पर जानलेवा हमला हुआ। दो अज्ञात हमलावर बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पर सवार होकर पहुंचे। उन्होंने हेलमेट पहन रखा था और सीधे दफ्तर में घुसकर सलीम की गर्दन पर धारदार हथियार से वार किया, साथ ही पेट में चाकू से कई बार गोदा। हमले के बाद आरोपी फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सलीम को गंभीर हालत में दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनकी हालत नाजुक बनी हुई है, और आईसीयू में इलाज चल रहा है।
Who Is YouTuber Saleem Wastik: कौन हैं सलीम ?आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला
सलीम वास्तिक, जिन्हें सलीम वारसी या सलीम अहमद वास्तिक के नाम से भी जाना जाता है, एक चर्चित एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। वे यूट्यूब पर 'सलीम वास्तिक 0007' नाम से चैनल चलाते हैं, जिसके करीब 28 हजार सब्सक्राइबर्स हैं।
सलीम इस्लाम की विभिन्न कुरीतियों, जैसे हलाला प्रथा, मदरसा शिक्षा, कुरान की आयतों की व्याख्या और धार्मिक रूढ़ियों पर खुलकर टिप्पणियां करते हैं। वे खुद को एक्स-मुस्लिम बताते हुए मुस्लिम समुदाय से आत्मचिंतन की अपील करते रहते हैं, जिससे उन्हें अक्सर धमकियां मिलती रही हैं। टीवी डिबेट्स में भी वे अक्सर पैनलिस्ट के रूप में नजर आते हैं, जहां इस्लाम की आलोचना के चलते विवाद खड़े होते हैं।
सलीम को पहले भी उनके वीडियोज के कारण मुस्लिम युवकों से धमकियां मिलती रही थीं। वे इस्लाम की आलोचना करते हुए कुरान को 'अल्लाह की किताब नहीं' बताते थे, जो कट्टरपंथियों को नागवार गुजरता था। घटना रमजान के महीने में हुई, जिसे कुछ लोग 'पीसफुल रिलिजन' की विडंबना बता रहे हैं। शुरुआती जांच में कट्टरपंथी तत्वों का हाथ होने का शक है, हालांकि पुरानी रंजिश की भी पड़ताल हो रही है। सोशल मीडिया पर हिंदू संगठनों ने हमले की निंदा की है, जबकि कुछ यूजर्स इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई क्या?
एसीपी सिद्धार्थ गौतम के मुताबिक, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मामला दर्ज कर लिया गया है, और हमलावरों की तलाश जारी है। पुलिस इसे साम्प्रदायिक एंगल से भी जांच रही है।
यह घटना अभिव्यक्ति की आजादी और धार्मिक आलोचना के बीच टकराव को रेखांकित करती है। सलीम जैसे एक्स-मुस्लिम्स की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर जब वे सोशल मीडिया पर खुलकर बोलते हैं। मामले पर अपडेट्स के लिए पुलिस की जांच का इंतजार है।












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