कौन हैं कीर्ति कोल, जिन्हें सपा ने बनाया MLC चुनाव में अपना प्रत्याशी
लखनऊ, 31 जुलाई: उत्तर प्रदेश में दो सीटों पर विधान परिषद उपचुनाव (एमएलसी) की घोषणा हो चुकी है। उपचुनाव की घोषणा होने के साथ ही समाजवादी पार्टी ने एक सीट पर अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। सपा ने कीर्ति कोल को अपना उम्मीदवार बनाया है। इस बात की जानकारी समाजवादी पार्टी ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर दी है। आइए जानते है कौन हैं कीर्ति कोल।

कौन हैं कीर्ति कोल
एमएलसी उपचुनाव के लिए सपा ने कीर्ति कोल को अपना उम्मीदवार बनाया है। कीर्ति कोल सपा नेता और पूर्व सांसद व पूर्व विधायक रहे भाईलाल कोल की बेटी हैं। भाईलाल कोल के निधन के बाद कीर्ति कोल अपने पिता की राजनीतिक विरासत को संभाल रही हैं। कीर्ति कोल की पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से एमए और बीएड की पढ़ाई की है। कीर्ति लालगंज ब्लाक के पचोखर गांव की रहने वाली हैं और विगत वर्ष हुए पंचायत चुनाम में जिला पंचायत सदस्य भी निर्वाचित हुई थीं।

छानवे विधानसभा सीट से लड़ चुकी हैं चुनाव
जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित होने के बाद सपा ने कीर्ति कोल पार्टी का पदाधिकारी बना दिया था। हाल ही में सम्पन्न हुए 2022 विधानसभा चुनाव में मिर्जापुर की छानवे विधानसभा सीट से सपा ने कीर्ति कोल को चुनावी मैदान में उतारा था, लेकिन उन्हें बीजेपी की सहयोगी दल अपना दल एस के प्रत्याशी से हार मिली थी। बता दें कि कीर्ति आदिवासी समाज से आती हैं और आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व भी करती हैं।
1 अगस्त को दाखिल करेंगी नामांकन
सपा ने एक बार फिर कीर्ति कोल पर भरोसा जताया है। उन्हें एमएलसी उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बना दिया है। कीर्ति कोल 1 अगस्त को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगी। बता दें कि एमएलसी की दोनों रिक्त हुई सीटों पर 1 अगस्त 2022 को नामांकन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। 2 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच, 4 तारीख को नाम वापसी की तिथि निर्धारित की गई है। 11 अगस्त सुबह 9 बजे से 4 तक मतदान संपन्न होगा। साथ ही उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना प्रारम्भ होगी। 16 अगस्त से पूर्व निर्वाचन प्रक्रिया को संपन्न करा लिया जाएगा।

इस वजह से खाली हुई थी एमएलसी की दोनों सीटें
सपा वरिष्ठ नेता रहे अहमद हसन का 20 फरवरी 2022 को निधन हो गया था, जिसके बाद विधान परिषद की सीट खाली हुई थी। सपा नेता अहमद हसन का एमएलसी कार्यकाल 30 जनवरी 2027 को पूरा होना था। वहीं, बीजेपी नेता ठाकुर जयवीर सिंह ने 24 मार्च को विधान परिषद के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका 5 मई 2024 तक का कार्यकाल था।












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