कौन हैं सपा के वो तीन नेता, जिन्होंने अखिलेश यादव के खिलाफ छेड़ी बगावत

Akhilesh Yadav News: लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी को आए दिन झटके लग रहे हैं। सपा के दिग्गज चेहरे पार्टी को छोड़ भाजपा का दामन थाम रहे हैं तो वही अब पार्टी में युवा नेताओं के बगावत के स्वर भी फूट पड़े हैं। जिन युवा नेताओं ने विपक्ष में रहने के दौरान लाठियां खाईं, जेल गए उन युवा नेताओं ने पार्टी से बगावत करते हुए अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक, समाजवादी युवा विंग के अलग-अलग पदों पर रह रहे युवा अब पार्टी के खिलाफ राजधानी लखनऊ में बड़ी बैठक करने वाले हैं। सपा से बगावत कर अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाने वाले लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप तिवारी, यूथ विंग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजेश यादव और यूथ लीडर पीडी तिवारी हैं। लोकसभा चुनाव से पहले इन्हीं युवा नेताओं ने पार्टी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया हैं।

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पीडी तिवारी की गिनती अखिलेश यादव के बेहद करीबी नेताओं में होती है और वह 2017 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। अब वह खुलकर पार्टी की नीतियों का विरोध कर रहे हैं। इन तीनों युवा नेताओं का कहना है कि वो सितंबर के पहले हफ्ते में एक बैठक बुलाने की तैयारी में हैं। इनमें वो सभी पदाधिकारी शामिल होंगे, जो सपा में रहकर खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। इतना ही नहीं, युवा नेता प्रदीप तिवारी ने अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप भी लगाए।

न्यूज़ 18 की खबर के मुताबिक, अखिलेश पर गंभीर आरोप लगाते हुए युवा नेता प्रदीप तिवारी ने उन्हें घमंडी, अहंकारी और पैसा लेने वाला बताया। कहा कि पीडीए सामान्य वर्ग के लिए घातक है और नई सपा है-नई हवा है का दावा भी खोखला है। कहा कि सभी जाति वर्गों के लोगों को साथ लेकर चलने वाली होनी चाहिए। लेकिन, हिंदू मजहब के धार्मिक ग्रंथों के खिलाफ सपा अध्यक्ष जानबूझकर बयान दिलवाते हैं। इतना ही नहीं, तिवारी ने कहा कि सपा में टिकट के लिए पैसा चलता है।

अखिलेश पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने हजारों यूथ लीडरों का कैरियर बर्बाद कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहीं, अब युवा नेताओं का कहना है कि वो लोकसभा चुनाव से पहले पूरे प्रदेश में घूम-घूमकर युवाओं को यह बताएंगे कि सपा में किस तरह से गरीब परिवार के नौजवानों का शोषण किया जाता है। फिलहाल, ये आंदोलन लखनऊ यूनिवर्सिटी से शुरू हो सकता है। इसके बाद प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में यह लोग जाएंगे।

वहीं, बृजेश यादव का कहना है कि मैं गरीब परिवार से निकला हूं। लेकिन, जिस तरह से पार्टी ने संघर्षशील नौजवानों का शोषण किया। सिर्फ उनका उपयोग किया। उनका राजनीतिक इस्तेमाल किया। इसे वो पूरे प्रदेश में बताएंगे। उनका कहना है कि गरीब परिवारों के लड़कों का शोषण सपा में होता है। अगर, उनकी वफादारी में जरा सी भी कमी हो तो उन्हें सजा दी जाए। लेकिन सपा ने उनकी पीठ में छुरा घोंपने का काम किया। वो परिवारवाद के खिलाफ हैं, इसलिए आंदोलन की तैयारी है।

अखिलेश के करीबी और साल 2017 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले युवा नेता पीडी तिवारी का कहना है कि वह नेताजी मुलायम सिंह यादव की सियासी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी रहे हैं। नेताजी कहते थे कि दोस्ती का भी एहसास कराना जरूरी है और दुश्मनी का भी। लेकिन आज हम युवाओं के 20-20 साल के संघर्ष का मजाक उड़ाया जा रहा है। पीडी तिवारी का कहना है कि पार्टी के नेता को ये समझना चाहिए ये संघर्ष किराए पर नहीं आता है।

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