मेरठ यूनिवर्सिटी के पेपर में RSS को लेकर क्या था वो सवाल, जिस पर हुआ बवाल, प्रोफेसर भी लाइफटाइम के लिए बैन!
Meerut University Exam Paper Controversy: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) में परीक्षा के दौरान बवाल मच गया है। यहां MA राजनीति विज्ञान के प्रश्नपत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संबंधित दो 'आपत्तिजनक' प्रश्न पूछ गए थे। जिसपर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों और छात्र संगठनों की तरफ से आपत्ति दर्ज कराई गई है।
RSS से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शनिवार 05 अप्रैल को CCSU परिसर में इस प्रश्नपत्र को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सोशल मीडिया यूजर ने इसकी आलोचना की है। विवाद बढ़ने के बाद मेरठ कॉलेज ने अपने राजनीति विज्ञान विभाग की प्रमुख प्रोफेसर सीमा पंवार के खिलाफ कार्रवाई की।

प्रश्न बनाने वालीं प्रोफेसर को आजीवन के लिए किया गया बैन!
प्रश्व बनाने वालीं राजनीति विज्ञान की प्रोफेसर सीमा पंवार को हमेशा के लिए परीक्षा और मूल्यांकन कार्यों से प्रतिबंधित कर दिया गया है। एचओडी (HOD) सीमा पंवार, राष्ट्रीय कवि हरिओम पंवार के भाई की पत्नी हैं। हालांकि प्रोफेसर सीमा पंवार ने अपनी गलती के लिए माफी मांगी है।
यह विवाद 2 अप्रैल 2025 को दूसरे वर्ष के छात्रों के लिए आयोजित राजनीति विज्ञान की परीक्षा को लेकर पैदा हुआ। इस प्रश्नपत्र में RSS से जुड़े दो बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) थे। प्रश्न संख्या 87 में पूछा गया था कि RSS के उदय का कारण क्या था, जिसमें से एक विकल्प से पता चलता है कि यह धार्मिक और जाति-आधारित राजनीति के कारण था। जबकि प्रश्न संख्या 97 के उत्तर में RSS के साथ-साथ जम्मू और कश्मीर लिबरेशन फ्रंट और नक्सलियों का भी उल्लेख किया गया था।
निम्न में से किसे परमाणु समूह नहीं माना जाता है?
- 1- नक्सली समूह
- 2- जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट
- 3- राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ
- 4- दल खालसा
एक प्रश्न में सही मिलान करना था, प्रश्न के एक तरफ में लिखा था, 'पिछड़ों की राजनीति का उदय', 'दलितों की राजनीति का उदय', 'धार्मिक एवं जातीय पहचान राजनीति का उदय' और 'क्षेत्रीय पहचान की राजनीति का उदय'। वहीं दूसरी ओर लिखा था, 'शिवसेना, RSS, बहुजन समाज पार्टी और मंडल आयोग लिखा था।' इन दोनों सूचियों को आपस में मिलान करना था।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के रजिस्टार ने क्या कहा?
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय ने इस मुद्दे पर बैठक करने के बाद प्रोफेसर सीमा पंवार को सभी परीक्षा और मूल्यांकन कार्यों से आजीवन प्रतिबंधित करने का फैसला किया है।
धीरेंद्र कुमार वर्मा ने कहा, "विश्वविद्यालय कभी भी विभिन्न क्षेत्रों के चयनित विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए प्रश्नपत्रों की समीक्षा नहीं करता है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि विषय के विशेषज्ञ होने के नाते उन्होंने स्थापित मानदंडों के अनुसार प्रश्नपत्र तैयार किया है। इसलिए, उनके निहित स्वार्थों पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए।"
प्रोफेसर सीमा पंवार ने अपनी ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित माफी मांगी और कहा कि प्रश्नपत्र में उल्लिखित संभावित उत्तर पाठ्यपुस्तक से थे, न कि पाठ्यक्रम से बाहर।












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