चुनाव से पहले इस वायरल तस्वीर के क्या हैं पांच सियासी मायने, जानिए पूरी वजह
लखनऊ, 22 नवंबर: राजनीति में प्रतीकों का बहुत महत्व है। जब भी हम इसे भूलना चाहते हैं, कोई अनुभवी राजनेता हमें इसकी याद दिलाता है। अब कुछ दिन पहले का एक वीडियो लें। पूर्वांचल एक्सप्रेस के उद्घाटन के दौरान सुल्तानपुर में प्रोटोकॉल के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गाड़ी थोड़ी आगे रुकी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पीछे चलते हुए दिखाई दिए थे। उस एक वीडियो की मदद से समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने यह दिखाने की कोशिश की थी कि बीजेपी के अंदरखाने सबकुछ सही नहीं चल रहा है लेकिन राजभवन में मोदी- योगी की वायरल तस्वीर ने अखिलेश को तो करार जवाब दे ही दिया योगी के आलोचकों का भी मुंह बंद कर दिया।

तस्वीरों के माध्यम से पूर्व सीएम अखिलेश यादव को जवाब
अखिलेश यादव ने उस तस्वीर पर सवाल उठाए थे जब योगी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे कादौरा करने गए थे। तब मोदी एक वायरल फोटो को लेकर अखिलेश ने योगी पर हमला बोला था। मोदी-योगी की इस तस्वीर ने अखिलेश के साथ ही उनके आलोचकों को भी करारा जवाब दे दिया जो लोग कहते थे कि उन्हें आलाकमान का आशीर्वाद प्राप्त नहीं है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में राजभवन के गलियारे में नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ एक साथ देखे गए. पीएम मोदी का हाथ सीएम योगी के कंधे पर था और दोनों जमकर चर्चा में लगे नजर आए. इस तस्वीर को देखकर लगता है कि 71 वर्षीय मोदी एक अभिभावक की तरह कुछ समझा रहे हैं और उनसे 22 साल छोटे योगी उनकी बातों को ध्यान से सुन रहे हैं।

एक तस्वीर ने यूपी के सियासी गलियारे में मचाई हड़कम्प
एक तस्वीर को हजार शब्दों से ज्यादा असरदार माना जाता है। अगर तस्वीर राजनीतिक है तो इसका मतलब कुछ और ही है। प्रभाव के साथ-साथ कई बार इसमें भविष्य के संकेत छिपे होते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की वायरल तस्वीर के भी कई राजनीतिक मायने हैं। यह तस्वीर सिर्फ 2022 की नहीं है। 2024 तक जाती है। इसमें 2029 का इशारा भी छिपा है।

क्या यह सिर्फ एक क्लिक है?
ये दो तस्वीरें क्या हैं बस एक क्लिक की दूरी पर? यूपी दौरे पर पीएम मोदी पहुंचे. योगी और मोदी किसी गलियारे में मिलते हैं। योगी के कंधे पर हाथ रखकर मोदी सबक सिखाते हैं। तस्वीर खींची जाती है। क्या ये महज एक संयोग है? अगर आप राजनीति को करीब से समझेंगे तो आप इसका मतलब समझ पाएंगे। राजनीति में सब कुछ यूं ही नहीं होता। जब आप बीजेपी के वोटर्स और कैडर से सवाल पूछते हैं तो मोदी के बाद कौन? तो उसका जवाब योगी के पास आकर रुक जाता है। शायद यह तस्वीर भी इसकी पुष्टि करती है।

इसी तरह की तस्वीर मोदी-अटल की वायरल हुए थी
यह तस्वीर उस समय की है जब मोदी सीएम थे और अटल बिहारी वाजपेयी पीएम थे। वाजपेयी के बाद मोदी केंद्र में पीएम बने। इतना ही नहीं 2014 में 30 साल बाद पहली बार केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनी थी। तो क्या इस तस्वीर का भी कोई बड़ा मतलब है? केंद्र की सड़क यूपी से होकर गुजरती है और यह एक सच्चाई है। यूपी में योगी का कद किसी से छिपा नहीं है। क्या यूपी के जरिए बीजेपी ने नई रणनीति बनानी शुरू कर दी है? ये तस्वीर उन्हें काफी हद तक उत्साहित करती नजर आ रही है।

विपक्ष ने कसा था योगी पर तंज, तस्वीर से मिला जवाब
दरअसल, कुछ दिन पहले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के मौके पर पीएम मोदी की कार के पीछे सीएम योगी के चलने की तस्वीर पर विपक्षी नेताओं ने तंज कसा था, जिसके बाद यह तस्वीर सामने आती है। सीएम योगी ने इस तस्वीर पर एक कविता ट्वीट की। हमने संकल्प करके, तन-मन को समर्पित कर, सूर्य उदय करने की जिद, अम्बर से भी ऊपर जाने की, नया भारत बनाने का संकल्प लिया है।

यूपी में पार्टी का निर्विवाद चेहरा हैं योगी
यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। बीजेपी पहले ही कह चुकी है कि योगी ही राज्य में पार्टी का चेहरा होंगे। हालांकि कई बार राज्य के कुछ नेता कहते रहे हैं कि चुनाव परिणाम आने के बाद सीएम पद पर फैसला लिया जाएगा। माना जा रहा है कि इस तस्वीर के जरिए ऐसे तमाम नेताओं को जवाब देने की कोशिश की गई है. इतना ही नहीं माना जा रहा है कि इस तस्वीर के जरिए बीजेपी ने अपनी दीर्घकालिक रणनीति का भी संकेत दिया है।












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