सपा के भीतर पार्टी कार्यालय पर कब्जे को लेकर छिड़ी निर्णायक जंग
उत्तर प्रदेश को किले को जीतने के लिए शाह की रणनीति के आगे ढेर ना हो जाए अन्य सियासी दल, सपा ने भी माना शाह का लोहा।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी में तकरार के चलते एक तरफ जहां तमाम पार्टियां चुनाव प्रचार में लगी हैं तो दूसरी तरफ सपा के कार्यकर्ता आपस में दो-दो हाथ करते दिखाई दे रहे हैं। दो गुटों में बंटी सपा के लोग एक दूसरे के खिलाफ जमकर ना सिर्फ नारेबाजी कर रहे हैं बल्कि बात हाथापाई तक भी पहुंच जा रही है। पार्टी के सचिव रघुनंदन सिंह काका का कहना है कि उन्हें पार्टी कार्यालय जाने से रोका जाता है, उन्हें अखिलेश यादव के समर्थकों ने सपा कार्यालय के भीतर जाने से रोक दिया, जिसके बाद वह वहां मौजूद समर्थकों पर चिल्लाने लगे कि उन्हें सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने यहां आने को कहा है, लेकिन अखिलेश समर्थकों ने उनकी एक नहीं सुनी।

अखिलेश समर्थकों के विरोध के चलते काका सपा कार्यालय के बाहर की कुर्सी पर धरना देकर बैठ गए, लेकिन बावजूद इसके उनके हाथ निराशा ही लगी। आपको बता दें कि अखिलेश यादव को हाल में ही जेनेश्वर मिश्र पार्क में रामगोपाल यादव द्वारा बुलाए गए अधिवेशन में पार्टी का अध्यक्ष घोषित किया गया था और शिवपाल यादव से प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी छीन ली गई थी जिसके बाद से पार्टी के भीतर सपा कार्यालय में प्रवेश को लेकर भी जमकर घमासान हो रहा है। पार्टी कार्यालय में अखिलेश समर्थकों ने शिवपाल यादव व मुलायम सिंह यादव के नेम प्लेट को निकालकर फेंक दिया था और उसकी जगह अखिलेश यादव की नेम प्लेट को लगा दिया था।
इसे भी पढ़ें- चुनाव आयोग में दस्तावेज देकर प्रोफेसर ने उम्मीदों के ताबूत में ठोंकी आखिरी कील
दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाकात करने से जाने से पहले मुलायम सिंह यादव एक बार फिर से सपा कार्यालय पहुंचे थे और उन्होंने अपने नाम की राष्ट्रीय अध्यक्ष की नेम प्लेट व शिवपाल यादव के नाम की प्रदेश अध्यक्ष की नेम प्लेट लगवा कर फिर से दफ्तर में ताला लगा दिया था। लेकिन सोमवार से सपा कार्यालय के बाहर मीडिया सहित तमाम कार्यकर्ताओं के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यहां तक कि किसी भी मीडिया के कैमरे को इसके आस-पास भी भटकने नहीं दिया जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications