यूपी बोर्ड: कक्ष निरीक्षक बोलकर भी नहीं करा सकेंगे नकल, क्लासरूम में लगेंगे ऑडियो कैमरे
मिर्जापुर। प्रदेश में यूपी बोर्ड की परीक्षा को नकलविहीन कराने की पूरी तैयारी कर ली गई है। अगले साल होने वाली उत्तर प्रदेश की 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा को फरवरी महीने में ही समाप्त कर दिया जाएगा। परीक्षा में सीसीटीवी कैमरे ऐसे लगेंगे जो आवाज भी रिकॉर्ड करेंगे। इसलिए इमला बोलकर नकल कराने की योजना भी खत्म हो जाएगी। लेखक/साल्वरों पर कार्रवाई के लिए खूफिया एजेंसियों के साथ ही हर किसी की मदद ली जाएगी। सादे वेश में परीक्षा केन्द्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। बोलकर नकल कराने से रोकने को हर कक्ष में आवाज रिकॉर्डर लगाए जाएंगे। इससे इमला बोलकर नकल कराने वाले कक्ष निरीक्षक पकड़ में आ जाएंगे।

बता दें, अब यूपी बोर्ड परीक्षा का आयोजन फरवरी के महीने तक ही होगा। दरअसरल प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री एंव माध्यमिक उच्च शिक्षा मंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा के मुताबिक परीक्षाएं जल्दी कराने के पीछे की मंशा बच्चों को त्योहार के मौसम में तनाव से मुक्ति दिलाना है।

योगी रात में दलित या सवर्ण किसी के साथ नहीं होगा अन्याय
प्रदेश के डिप्टी सीएम डा. दिनेश शर्मा ने कहाकि यूपी में योगीराज चल रहा है। यहां न तो किसी दलित के साथ और ना ही किसी सर्वण के साथ अन्याय होने पाएगा। भाजपा सबकी पार्टी है और इसमें सबको न्याय की व्यवस्था है। गलत कामों को बढ़ावा देने वाले बिचौलियों के साथ ही अफसरों को भी बख्शा नहीं जाएगा। प्रत्येक गतिविधि पर अधिकारी, खूफिया एजेंसियों के साथ ही पार्टी के लोगों की नजर है।
सख्ती से फर्जी परीक्षार्थी घटे
डिप्टी सीएम ने कहाकि पिछली बार बोर्ड की परीक्षा में हुई सख्ती का असर दिखने लगा है। पिछले वर्ष 67 लाख से अधिक बोर्ड परीक्षा का फार्म भरे थे। सख्ती के कारण 11 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी थी। इस बार उनकी संख्या बढ़ने के बजाय घटकर 57 लाख पर आ गई है। इससे लग रहा है कि चार-चार जगह से फार्म भरने वालों को समझ में आ गया है। उन्होंने कहा कि नकल माफियाओं पर भी अंकुश लगा। जौनपुर में हुई कार्रवाई की सभी को जानकारी है। इस बार भी प्रशासन, पुलिस और एसटीएफ की मदद बोर्ड परीक्षा में ली जाएगी।
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