विवेक तिवारी हत्याकांड: सिपाहियों के विरोध के मामले ने पकड़ा तूल, सीएम योगी ने बुलाई आपात बैठक
लखनऊ। विवेक तिवारी मर्डर केस मामले में जेल में बंद प्रशांत चौधरी और संदीप के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में 5 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर सिपाहियों ने अपना विरोध दर्ज कराया था। सिपाहियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद डीआईजी एलओ प्रवीण कुमार इस मामले में 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिपाहियों के बगावती तेवर देखने के बाद 7 अक्टूबर को सूबे के सभी कप्तानों की बैठक बुलाई है।

थानाध्यक्ष और सिपाही हुए सस्पेंड
डीआईजी एलओ प्रवीण कुमार ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है। डीआईजी एलओ ने अनुशासनहीनता पर थाना प्रभारी परशुराम सिंह, अलीगंज थाना प्रभारी राजेश शुक्ला और गुडम्बा थाना प्रभारी धर्मेश शाही को भी हटाया के साथ तीन सिपाहियों को सस्पेंड किया है।

आरोपी सिपाहियों का नहीं करेंगे समर्थन: DGP
बता दें कि डीजीपी यूपी ओपी सिंह ने 1090 कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए यह साफ कर दिया था कि कोई भी सिपाही या पुलिस विभाग का अधिकारी आरोपी प्रशांत चौधरी का समर्थन नहीं करेगा। लेकिन हाईकमान की बात को अनसुना करते हुए सिपाहियों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा था। इसी के चलते कई सिपाही निलंबित किए गए। इस मामले को बढ़ता देख सीएम ने बैठक बुलाने का फैसला किया है।

बगावत के सुर तेज
सिपाहियों ने डीजीपी के आदेश का पालन न करते हुए 5 अक्टूबर को गोमतीनगर समेत कई थानों में काली पट्टी बांधकर अपना प्रदर्शन किया। यहां तक की एसएसपी कलानिधि के ऑफिस में भी सिपाहियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। आपको बता दें कि सभी सिपाही विरोध करने के बाबजूद अपना काम भी करते रहे थे। जब सीएम योगी को इस मामले की भनक पड़ी तो उन्होने यूपी पुलिस के सभी अलाधिकारियों के साथ बैठक का ऐलान कर दिया।












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