Video: लोग कहते हैं बंदर में दिल नहीं होता! तो फिर ये क्या?... इंसान दोस्त की अर्थी पर बैठकर गया शमशान
क्या आपने कभी किसी इंसान की मौत पर जानवर को शोक मनाते देखा है? अगर नहीं तो इस वीडियो को देखकर जहां एक तरफ आपका मन पसीज जाएगा तो वहीं दूसरी तरफ आप हैरानी में भी पड़ सकते हैं। हुआ यूं कि यूपी के अमरोहा में एक बुजुर्ग की मौत पर एक बंदर न सिर्फ उसके शव से लिपटकर रोया, बल्कि 40 Km दूर गंगा घाट पर अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ। वीडियो अब इंटरनेट पर वायरल हो रहा है।
एक रोटी से शुरू हुई दोस्ती
बता दें कि यह मामला अमरोहा जिले के जोया कस्बे के मोहल्ला जाटव कॉलोनी का है। यहां के रहने वाले मृतक रामकुंवर सिंह के बेटे सुनील ने बताया कि रामकुंवर सिंह इस बंदर को रोज अपनी छत पर खाना खिलाते थे। सिलसिला तब शुरू जब करीब 2 महीना पहले यह बंदर रामकुंवर सिंह के पास आकर बैठा तो रामकुंवर सिंह ने उसे खाने के लिए रोटी दे दी। जिसके बाद से बंदर उनके पास प्रतिदिन का आने लगा।

इंसान की मौत, जानवर को सदमा
मृतक के परिजनों ने यह भी बताया कि खाना खाने के बाद यह बंदर काफी देर तक मृतक रामकुंवर सिंह के साथ खेलता भी रहता था। वहीं बीते मंगलवार को रामकुंवर सिंह का बीमारी के चलते निधन हो गया। बुधवार की सुबह जब बंदर रोज की तरह खाना खाने आया तो उसने घर में मौजूद भीड़ देखी। पहले तो बंदर को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जब अंदर जाकर उसने अर्थी देखी तो वो उसी अर्थी के पास बैठ गया।
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आंसुओं से रोया बंदर
इस दौरान काफी देर तक परिवार के लोगों के बीच अंतिम दर्शन करने का सिलसिला चलता रहा और बंदर भी वहीं बैठा रहा। लोग बंदर का मनुष्य के प्रति स्नेह देखकर अचंभित रह गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि बंदर की आंखों में आंसू भी थे। इतना ही नहीं बल्कि जब परिजनों ने रामकुंवर सिंह की अर्थी डीसीएम में रखी तो बंदर भी डीसीएम में सवार हो गया और हटाने का प्रयास करने पर बंदर अर्थी के ऊपर बैठ गया।
अर्थी से लिपटकर रोया बंदर
उधर, मौके पर मौजूद लोगों ने बंदर को हटाने का काफी प्रयास किया लेकिन वो अर्थी से लिपटा रहा। जिसके बाद बंदर गाड़ी में ही अर्थी के साथ घर से 40 किमी दूर गंगा घाट तक गया। आपको जानकर हैरानी होगी कि गंगा घाट पर भी बंदर अर्थी के पास काफी देर तक बैठा रहा। यही नहीं बल्कि जब रामकुंवर के शव को मुखाग्नि दी गई तो बंदर पास में ही मौजूद रहा।
फर्ज निभाकर वापस लौटा, दी अंतिम विदाई
वहीं जब कई घंटो के बाद चिता की आग शांत हुई और सभी लोग घर लौटने लगे तो बंदर भी लोगों के साथ उसी गाड़ी से वापस घर तक आया। उसके बाद वो पास के ही एक बाग में चला गया। बुजुर्ग और बंदर की यह दोस्ती देखकर अंतिम संस्कार में आए लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया, जो अब वायरल हो रहा है।












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