पीड़िता से 20 हजार घूस लेकर भी दरोगा ने नहीं की कार्रवाई, मामले का वीडियो वायरल
कन्नौज। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में रेप पीड़िता के परिवार के साथ पुलिस की कार्यशैली को देखते हुए अभी पूरे मामले में सही तौर पर कार्रवाई भी नहीं हो पाई कि यूपी के एक और जिले में पुलिस के एक दरोगा का कारनामा कैद हो गया। इस घटना में दबंगों ने पीड़िता के साथ जब बलात्कार करने की कोशिश की तो पुलिस ने कार्रवाई करने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।

पीड़िता से रेप की कोशिश
कन्नौज जिले में दबंगों की छेड़खानी से पीड़ित लड़की व उसकी मां ने दरोगा पर 20 हजार रुपए लेने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, रिश्वत लेने वाले दरोगा के काम न करने पर 20 हजार रुपए वापस भी दरोगा द्वारा किए गए जिसका वीडियो भी वायरल हुआ है। दरअसल पूरा मामला ठठिया थाने इलाके का है यहां 11 अक्टूबर 2017 को आरोपी जसवेंद्र से पीड़ित के परिवार से कुछ विवाद हुआ था, जिसके बाद मामले को शांत हो गया था। इसी रंजिश को लेकर गांव का ही जसवेंद्र अंदर ही अंदर पीड़िता से दुश्मनी मानने लगा और 6 जनवरी 2018 को पीड़िता जब शौच के लिए खेत पर जा रही थी तभी जसवेंद्र ने मौक़ा पाकर उसको अकेला देखकर उसने अपने तीन साथी अंकित, दिनेश और विलास के साथ खेत में खींच ले गया। वहां तीनों ने पीड़िता से जबरदस्ती करनी चाही लेकिन पीड़िता के चिल्लाने पर आसपास खेतों में काम रहे लोग मौके पर पहुंच गए जिसको देखते हुए आरोपियों को मौके से भागना पड़ा। इस बात की जानकारी जब पीड़िता के परिजनों को हुई तो मौके पर पहुंची पीड़िता की मां ने 100 नम्बर को फ़ोन किया जिसके बाद मौके पर पुलिस भी पहुँच गई लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे जिसके बाद पुलिस ने पीड़िता और उसके परिवारीजनों को थाने आने को कहा गया।

ठठिया थाने में दर्ज हुआ मामला
जब पीड़िता ठठिया थाने पहुंची तो कार्रवाई करने के नाम पर थाने में मौजूद दरोगा ने पीड़िता से 20 हजार रुपये देने की बात कही उसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की जिसके बाद पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर चारों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 डी 511 ,323 . 504 ,506 लैंगिक अपराधों के बालकों के संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत 3 व 4 में मुकदमा थाना ठठिया में दर्ज किया गया। मामले में जीतेन्द्र यादव दरोगा को विवेचना अधिकारी बनाया गया।

पंचायत ने दरोगा से पैसे कराए वापस
पीड़ितों की मानें तो विवेचनाधिकारी जीतेन्द्र कुमार ने कार्रवाई के नाम पर 20 हजार रुपए मांगे। पीड़ितों ने कर्ज लेकर दरोगा को 20 हजार रुपए दे लिए लेकिन काफी समय गुजरने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई न होने पर दरोगा जितेंद्र यादव से संपर्क किया तो उसने उनको भगा दिया। पीड़ितों ने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की तो गांव के पूर्व प्रधान विनोद यादव ने पीड़ितों को आश्वासन दिया कि पंचायत के माध्यम से दरोगा से पैसे वापस कराये जायेंगे।
मामले में बैठी पंचायत के लोगों के सामने दरोगा जीतेन्द्र यादव ने 20 हजार रुपए वापस कर दिए। पंचायत के लोगों द्वारा रपए वापस करने का वीडियो भी सामने आया है। इसके बाद अब पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और मामले की जांच सीनियर अधिकारियों से कराई जा रही है।












Click it and Unblock the Notifications