मृतक को दफनाने गए परिजनों को कब्र में मिला मटका, खोल कर देखा तो फटी रह गई आंखें
वाराणसी। वाराणसी में कब्र खोदने के दौरान चांदी के सिक्कों से भरा मिट्टी का बर्तन मिलने से सनसनी मच गई। यहां मृतक को सुपुर्द-ए-खाक करने पहुंचे लोगों ने जौसे ही जमीन खोदना शुरू किया उसमें से एक मिट्टी के बर्तन में पूरे 42 सिक्के निकले। देखते ही देखते यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और कब्रिस्तान में काफी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए, जिसकी सूचना लोगों ने डायल-100 को दी।

वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र का मामला
वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत फातमान कब्रिस्तान में मृतक को सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए कब्र की खुदाई हो रही थी। उसी दौरान अचानक से मिट्टी के बर्न में चांदी के सिक्के मिले। सिक्के 18 वीं सदी और 19वीं सदी के बीच के हैं। बताते चलें कि यह कब्रिस्तान जहां स्थित है वह बहुत पुराना है। यहीं पर उमराव जान, टीपू सुल्तान के बेटे व भारत रत्न उदस्ताद बिस्मिल्लाह खां का कब्र है।

200 साल पुराना है कब्रिस्तान
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यह दो सौ पुराना कब्रिस्तान है। लोगों ने यह भी बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि इस कब्रिस्तान में चांदी के सिक्के मिले हैं। इस सम्बंध में एक स्थानीय युवक ने बताया कि सिगरा थाना क्षेत्र के रहने वाले असलम खान का इंतकाल हो गया था उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक करने के लिये कब्र खोदी जा रही थी कि तभी मिट्टी के बर्तन में 42 चांदी के पुराने सिक्के मिले जिसकी सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी।

पुरातत्व विभाग ने लिया कब्जे में
मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें कब्जे में ले लिया। जिसे कल ट्रेजडी में जमा करा दिया जाएगा। वहीं स्थानीय मो सलीम ने बताया कि ये कब्रिस्तान 250-300 सौ साल से भी पुराना है। यहाँ कब्र खोदने के दौरान लगभग 150 साल से पुराना सिक्का मिला है। जिसकी सूचना पुलिस को दी गयी। सभी सिक्के मिट्टी के मटके में थे।












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