BHU में विवादित नाटक मी नाथूराम गोडसे बोलतेय का मंचन, हुई मारपीट, केस
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कला संकाय में संस्कृति 2018 के दौरान विवादित मराठी नाटक मी नाथूराम गोडसे बोलतोय के हिंदी संस्करण के मंचन को लेकर शुरू हुआ विवाद गुरुवार को एक नए मोड़ पर आ गया। वजह इस नाटक को लेकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड और पुलिस से शिकायत करने वाले छात्र गुट के एक छात्र को कुछ लोगों ने कैंपस में पीट दिया। जिसके बाद घायल छात्र ने लंका थाने में 5 छात्रों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। दो दिन पहले ही कैम्पस में नाथूराम गोडसे और महात्मा गांधी के जीवन पर नाटक का मंचन किया गया था। जिसमे देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या को वाजिब बताया गया था।

BHU ने जांच की बात कह झाड़ा पल्ला
इस नाटक के मंचन में बीएचयू ने नाथू राम गोडसे का एक्ट करने वाले छात्र को पूरे मामले में क्लीनचिट दे दी है। इस बारे में बीएचयू की चीफ प्राक्टर रॉयना सिंह का कहना है कि हमारी कमेटी ने मामले की जाँच की है। ये सिर्फ एक ड्रामा प्ले किया गया था। स्टूडेंट इनोसेंट है। उससे बात की गई तो उसने बताया यू ट्यूब पर उसने ड्रामे को देखा था। वहीं से इसने प्ले का मन बनाया। उसका मकसद किसी भी तरह से गांधी जी के अपमान करना नहीं था। लिखित रिपोर्ट जल्द ही थाने भेज दिया जाएगा। कुछ लोग जबरदस्ती बात को बढ़ाने के लिए बाते बना रहे हैं।
पुलिस ने तहरीर मिलने पर शुरू की कर्रवाई
इस पूरे मामले पर थानाध्यक्ष लंका संजीव मिश्रा ने बताया कि बीएचयू के छात्र अविनाश ओझा ने यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों पर आरोप लगाया कि जब वह गुरुवार को कला संकाय प्रमुख को संबंधित नाटक के मंचन करने वाले छात्र के खिलाफ कार्रवाई का ज्ञापन देकर निकला था। उसी दौरान आर्ट फैकेल्टी के सामने उसको कुछ लड़कों ने मारपीट कर जख्मी कर दिया। जिसके बाद छात्र ने मेडिकल कराने के बाद पांच नामजद आशुतोष त्रिपाठी, मंगलम सिंह, सत्यम राय, शिवम पाण्डेय और सत्यम के खिलाफ तहरीर दी थी। जिस पर पुलिस ने इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 323, 504, 506 में मुकदमा दर्ज किया गया है।












Click it and Unblock the Notifications