प्रशासन को अधूरी जानकारी देकर मंदिर परिसर में की प्रत्याशी ने चुनावी सभा
कांग्रेस प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव ने कैंट विधानसभा के संत रघुवर नगर कॉलोनी मे जनसभा करने की परमिशन प्रशासन से मांगी थी, लेकिन स्थानीय प्रशासन को लिखित में बस कॉलोनी का ही नाम बताया था।
वाराणसी। काशी में आखिरी चरण के चुनावों के लिये तमाम दलों ने प्रचार-प्रसार में अपनी ताकत झोंक दी है। ऐसे में चुनाव आचार संहिता के दिशा निर्देश और नियमों को ताक पर रख कर सभी दलों के प्रत्याशी छोटी-छोटी सभाएं करके जनता को अपने पाले में करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला कैंट विधानसभा से आया है। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव ने जनसभा करने के लिये एक धार्मिक परिसर का इस्तेमाल किया और प्रशासन को अधूरी जानकारी दी। ये भी पढ़ें: ELECTION SPECIAL: अखिलेश की कुर्सी आज के मतदान पर क्यों निर्भर?

आधी-अधूरी जानकारी देकर की जनसभा
सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी कांग्रेस के अनिल श्रीवास्तव ने सोमवार को कैंट विधानसभा के संत रघुवर नगर कॉलोनी में जनसभा करने की परमिशन प्रशासन से मांगी थी लेकिन स्थानीय प्रशासन को लिखित में बस कॉलोनी का नाम बताया था लेकिन इन्होंने कॉलोनी में स्थित एक मंदिर परिसर के अंदर जनसभा का सम्पन्न कर ली, जबकि चुनाव आयोग के अनुसार किसी भी धार्मिक स्थल पर चुनावी जनसभा करना चुनाव आचार संहिता के उल्लघंन में आता है।

कांग्रेस प्रत्याशी ने पुलिस पर मढ़ा आरोप
वहीं, मौके पर जब कांग्रेस प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव से पूछा गया तो उन्होंने तस्वीरों को झुठलाते हुए कहा कि ये मंदिर से बाहर का परिसर है, लेकिन प्रशासन को अधूरी जानकारी देने के बाबत कहने लगे कि ये पुलिस को तय करना था और वे आकर देखती कि सभा कहां हो रही है।

रिटर्निंग ऑफिसर ने कहा होगी कार्रवाई
बता दें कि कांग्रेस प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव पर रिटर्निंग ऑफिसर राम चंद्र यादव का कहना है 'हमे मिली जानकारी के तहत मौहल्ले में जनसभा करने की सूचना दी गई, लेकिन दी गई सूचना में ये स्पष्ट नहीं किया गया कि ये जनसभा किसी मंदिर में की जाएगी। फिलहाल, जानकारी होने पर रिटर्निंग ऑफिसर ने इस मामले में कार्रवाई करने की बात कही है। ये भी पढ़ें:यूपी में काम नहीं, अखिलेश का झूठ और सपा की गुंडई बोलती है: स्मृति ईरानी












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